पुरानी पेंशन योजना बंद होने से बुढ़ापे पर पड़ेगा असर सरकारी कर्मचारी संगठनों ने जताया रोष

Anurag Thareja | Updated: 08 Aug 2019, 10:00:44 PM (IST) Hanumangarh, Hanumangarh, Rajasthan, India


पुरानी पेंशन योजना बंद होने से बुढ़ापे पर पड़ेगा असर
सरकारी कर्मचारी संगठनों ने जताया रोष


पुरानी पेंशन योजना बंद होने से बुढ़ापे पर पड़ेगा असर
सरकारी कर्मचारी संगठनों ने जताया रोष

हनुमानगढ़. नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन आंदोलन समिति के सदस्यों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष रोष प्रकट किया। दोपहर एक बजे सभा का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने आंदोलन की हुंकार भरते हुए कहा कि सरकार जब तक पुरानी पेंशन योजना को पुन: बहाल नहीं करेगी, तबतक सरकारी कर्मचारी संगठन समय-समय पर रोष प्रकट करते रहेंगे। दोपहर तीन बजे के करीब कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि एक जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए राजस्थान के 4 लाख कर्मचरियों सहित देश के 65 लाख कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन को केन्द्र और राज्य सरकारों ने बंद कर दिया है। नवीन पेंशन योजना कर्मचारी तथा उसके परिवार के लिए एक घातक पेंशन योजना है, इसमें पेंशन की गारंटी नहीं, कितनी पेंशन मिलेगी पता नहीं। अनिश्चितता है या यंू कहें कि पेंशन विहीन स्कीम है जिसमें पेंशन मिलने की संभावना कम पैसे डूबने की संभावना अधिक है। ज्ञापन के माध्यम से कार्यपालिका में मुख्य भूमिका निभाने वाले सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई पेंशन स्कीम को खत्म करने तथा पुरानी पेंशन को पुन: लागू करवाने के लिए कानून पारित करवाने की मांग की गई। इसमें बताया कि नई पेंशन योजना में निवेशित फण्ड पर कॉर्पोरेट की दूषित नजर है, यह योजना विश्व के एक बड़े घोटाले का शिकार होने जा रही है। ज्ञापन में राजस्थान के चार लाख व देश के 65 लाख कर्मतचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की गई। इस मौके पर पटवार संघ जिलाध्यक्ष रामरतन भारी, सुरेन्द्र जागिड़, दिनेश खीचड़, राकेश मटोरिया, प्रबोधक संघ के सदस्य, राजस्थान भू अभि निरीक्षक संघ, राजस्थान राजस्व लेखा संघ, राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ, राजस्थान मंत्रालियक कर्मचारी संघ, राजस्थान सूचना सहायक आदि कर्मचारी संगठन के सदस्य मौजूद रहे।


भैंस के आगे बीन बजाकर जताया विरोध
बाजार भाव के अनुरूप मुआवजे की मांग, 33वें दिन धरना जारी

हनुमानगढ़. राष्ट्रीय हाइवे निर्माण के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण करने पर बाजार भाव के अनुरूप मुआवजा देने की मांग को लेकर गुरुवार को भी जिला कलक्ट्रेट के समक्ष किसानों का धरना जारी रहा। जिला प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं करने पर किसानों ने भैंस के आगे बीन बजाकर विरोध जाहिर किया। किसान नेता सुरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि किसानों के बच्चों के मुंह से निवाला छीन कर नेशनल हाइवे बनाया जा रहा है। करोड़ों रुपए जमीन को सरकार कोडियों के भाव खरीदना चाहती है। लेकिन जिले के किसान ऐसा नहीं होने देंगे। इसके चलते 13 अगस्त को जिले के किसानों की पंचायत होगी। इसमें किसान विधायकों से संवाद करेंगेे। इसके बावजूद किसानों के हक के लिए विधायकों ने कुछ नहीं किया तो 15 अगस्त आजादी के दिन किसान काला दिवस मनाकर रोष जाहिर करेंगे। किसान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष दलीप छिम्पा ने बताया कि राष्ट्रीय हाईवे निर्माण में कई किसानों की सारी जमीन इस हाइवे के निर्माण में आ रही है जिसका बाजार भाव करीब 25 से 30 लाख रूपए है, लेकिन सरकार उन्हें दो लाख रूपए ही देना चाहती है। किसानों को बाजार भाव के अनुरूप मुआवजा नहीं मिला तो इसका परिणाम आने वाली ग्राम पंचायतों के चुनाव में भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर देवीलाल, सुखविंदर, लोकेश शिलू, मांगीलाल जाखड़, भूप जाट, गिरधारी सिंह, महावीर भाकर, संदीप पारीक, काला सिंह, हनुमान गोदारा, मदन जाखड़, रामकुमार, जगपाल सिंह, नंदलाल लिम्बा, गांधी राम आदि मौजूद रहे।

 

सात दिन में पुर्नभरण राशि नहीं मिली तो होगा उग्र प्रदर्शन

हनुमानगढ़. स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ के सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी को जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। इसमें आरटीई की पुर्नभरण राशि भुगतान करने की मांग की गई। सदस्यों ने बताया कि जिले के समस्त विद्यालय इस समय गंभीर स्थिति में है, सरकार के निर्देशानुसार समस्त विद्यालय जरूरतमंद बच्चों को आरटीई के तहत पढ़ा रहे हैं, लेकिन वर्तमान में हालात यह हैं कि एक वर्ष की पुर्नभरण राशि विलम्ब से दी जा रही है। गत वर्ष के बच्चों की आरटीई की राशि अभी तक नहीं मिली है। चेतावनी दी कि अगर सात दिन के अंदर भुगतान नहीं किया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष विजय सिंह चौहान, मलकीत सिंह मान, गुरप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

 

 

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