30 की उम्र से ध्यान रखेंगे तो हृदय रोगों से होगा बचाव

अमरीकन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी का कहना है कि अधिक उम्र में हृदय रोगों से बचाव के लिए कम उम्र से ही ध्यान रखने की जरूरत है।

By: Hemant Pandey

Published: 01 Oct 2020, 10:01 AM IST

अमरीकन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी का कहना है कि अधिक उम्र में हृदय रोगों से बचाव के लिए कम उम्र से ही ध्यान रखने की जरूरत है। इसके लिए 30 वर्ष की उम्र से कुछ बातों का ध्यान रखा जाए। इस वर्ष वल्र्ड हार्ट डे की थीम यूज हार्ट टू बीट कॉर्डियो वेस्कुलर डिजीज है।
हृदय में तीन हिस्से होते
दिल शरीर का इंजन होता है। इसके तीन हिस्से हैं। पहला, हार्ट मसल्स जो खून पंप करता। दूसरा, इलेक्ट्रिकल सिस्टम जो धडक़नों को नियंत्रित करता और तीसरी कोरोनरी आर्टरीज (धमनियां) जिससे ब्लड-ऑक्सीजन की आपूर्ति हर अंगों में होती है।
कैलोरी कम मात्रा में लें
डाइट में कैलोरी की मात्रा फिजिकल एक्टिविटी के अनुसार तय करें। ज्यादा लेने से हृदय रोग होता है। फल, सलाद, हरी सब्जियां, साबुत अनाज ज्यादा और तेल-घी कम खाएं। लहसुन खाएं, कोलेस्ट्रॉल को ठीक रखता, नॉनवेज खाने से बचें।
खराब लाइफ स्टाइल वजह, अच्छी दिनचर्या रखें
95त्न मरीजों में हार्ट डिजीज खराब लाइफ स्टाइल से होती है। कई शोधों में पाया गया है कि 30 वर्ष की उम्र में कुछ सावधानियां बरतें तो हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं। इसके लिए अच्छी दिनचर्या रखें। समय पर सोएं, उठने और अपने काम को करें।
डायबिटीज से नुकसान
डायबिटीज के कारण रोगी की नव्र्स डैमेज हो जाती हैं। इसलिए हार्ट अटैक होने पर उनमें सीने में दर्द या जलन नहीं होती है। हार्ट अटैक होने पर भी पता नहीं चलता है। ऐसे रोगियों को ज्यादा खतरा है। छह माह में संबंधित जांचें कराएं। बीपी और दूसरी बीमारियों को नियंत्रित रखें।
45 मिनट व्यायाम करें
रोज व्यायाम करने से दिल की बीमारियों के साथ अन्य रोगों से भी बचाव होता है। इससे खून की नलियों में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता है। रोज 45 मिनट हल्का-फुल्का व्यायाम जरूर करें। 30 मिनट या दस हजार कदम चलें। हृदय की धडक़नें भी सामान्य रहती हैं।
खाने के तेल की भी भूमिका
खाने के लिए सरसों, जैतून या मूंगफली का तेल ठीक रहता है। सोयाबिन का तेल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। फ्राई वाले तेल को दोबारा इस्तेमाल न करें, इसे छौंक में इस्तेमाल करें। दोबारा गर्म करने से ट्रांस फैट बढ़ता है। हृदय रोगों का कारण बनता है।
जांच किस उम्र से जरूरी
30 की उम्र के बाद हृदय रोगों की आशंका रहती है। जिनकी फैमिली में बीपी, किडनी और हाई कोलेस्ट्रॉल है वे हाई रिस्क श्रेणी में आते हैं। साल में एक बार जांच जरूर करवाएं।
वजन नियंत्रित रखें
वजन बढऩे से खून की नलियों पर दबाव बढ़ता है। हृदय को ज्यादा काम करना पड़ता है।
सोने से 3 घंटे पहले डिनर
सोने से 3-4 घंटे पहले डिनर कर लें। देरी से खाने से फैट जमा होता है। हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।
खुलकर हंसे
अमरीकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि खुलकर हंसने से स्टे्रस हार्मोन कम होते हैं। इससे हृदय रोगों का खतरा भी घटता है।
नट्स ज्यादा खाएं
अखरोट और बादाम ज्यादा मात्रा में खाएं। इसमें फाइबर और अच्छा फैट होता है। काजू कम मात्रा में खाएं।

Hemant Pandey
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