मयोपिया: धुंधला दिखता और चश्मे का नंबर माइनस में बढ़ता है

मयोपिया (निकट दृष्टिदोष) बच्चों में सबसे अधिक होने वाली आंखों की परेशानी है। टीवी स्क्रीन या मोबाइल-कम्प्यूटर ज्यादा देखने से इसकी आशंका बढ़ती है।

By: Hemant Pandey

Updated: 20 Feb 2021, 06:33 PM IST

मयोपिया (निकट दृष्टिदोष) बच्चों में सबसे अधिक होने वाली आंखों की परेशानी है। टीवी स्क्रीन या मोबाइल-कम्प्यूटर ज्यादा देखने से इसकी आशंका बढ़ती है। इसमें दूर का धुंधला दिखता है और चश्मे का नंबर माइनस में बढ़ता है। कोरोना के बाद से यह परेशानी और बढ़ी है। बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी बंद हो गई है। यदि माता-पिता को यह बीमारी हो चुकी है तो बच्चों में भी इसकी आशंका बढ़ जाती है।

दूर की चीजें धुंधली दिखती
इसमें दूर की चीजें धुंधली दिखती, सिर भारी रहता, आंखों में पानी आना, जल्दी-जल्दी पलकें झपकाना, रात में आंखों पर रोशनी पडऩे से दिक्कत होना आदि समस्याएं होती हैं। 18 वर्ष के बाद आंखों का नंबर स्थिर हो जाता है।
स्क्रीन टाइम कम करें
यदि समय पर इलाज नहीं हुआ तो रेटिना की खराबी से मोतियाबिंद और ग्लूकोमा होने की आशंका रहती है। टीवी, मोबाइल और कम्प्यूटर का सीमित इस्तेमाल करें। बाहर नहीं जा सकते हैं तो घर में ही टहलें। धूप में रोज 15-20 मिनट बैठें। हरी सब्जियां जैसे गाजर-पालक ज्यादा खाएं। जंक फूड से दूरी बनाएं। आंखों को मसले नहीं। इससे रेटिना पर असर पड़ता है।

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