
Ivf
IVF : हर की किसी महिला को बच्चे का सुख प्यारा होता है। हर महिला चाहती है कि उसे एक बच्चें का सुख देखने को मिले। लेकिन कई बार कुछ कारणों से महिलाओं गर्भधारण में दिक्कतें आती है। इसको लेकर अकसर महिलाएं चिंतित भी नजर आती है।
इस समय IVF काफी चर्चा में चल रहा है अधिक से अधिक लोग इसे चुन रहे हैं। जो महिलाएं गर्भधारण करने में असमर्थ हैं, वे आईवीएफ के विकल्प पर विचार कर सकती हैं।
IVF का मतलब इन विट्रो फर्टिलाइजेशन होता है। जब शरीर अंडों को निषेचित करने में विफल रहता है, तो उन्हें प्रयोगशाला में निषेचित किया जाता है। इसलिए इसे आईवीएफ कहा जाता है। एक बार जब अंडे निषेचित हो जाते हैं, तो भ्रूण को मां के गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
आईवीएफ प्रक्रिया में शुक्राणु और अंडे का मिश्रण शामिल होता है। यह आमतौर पर एक डिश में तब तक होता है जब तक कि निषेचन नहीं हो जाता।
कई महिलाएं प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असफल हो जाती हैं। इसलिए उन्हें आईवीएफ का विकल्प चुनना चाहिए। महिलाएं आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए जा सकती हैं। हालांकि, आईवीएफ के उपयोग से वास्तव में कौन लाभान्वित हो सकता है, इस पर कोई सख्त नियम नहीं हैं। प्रत्येक व्यक्ति के लिए परिस्थितियाँ और शर्तें महत्वपूर्ण रूप से भिन्न होंगी।
यह सलाह दी जाती है कि आप भारत के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ उपचार केंद्र तक पहुंचें। आपको डॉक्टर के पास पहुंचना चाहिए जो आपकी मदद कर सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
30 Aug 2024 05:49 pm
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