12 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिमाग में सही संकेत न मिलने से होती है मानसिक बीमारियां

हर वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।

less than 1 minute read
Google source verification
दिमाग में सही संकेत न मिलने से होती है मानसिक बीमारियां

दिमाग में सही संकेत न मिलने से होती है मानसिक बीमारियां

दिमाग में जब रसायनों की मात्रा कम या ’यादा होती है तो मानसिक समस्याएं होती हैं। इन रसायनों के असंतुलन से दिमाग में मौजूद न्यूरॉन्स के बीच क्रिया कलापों को लेकर संकेतों का सही आदान-प्रदान नहीं हो पाता है। मानसिक रोगों का समय से इलाज होने पर ठीक हो जाते हैं। हर वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
किस रसायन से दिमाग पर क्या असर
एसिटलकोलिन : इसके कम होने से डिमेंशिया और अधिक होने से डिप्रेशन होता है।
गाबा : इसे गामा एमिनो ब्यूट्रिक एसिड भी कहते हैं। इसकी कमी से एंजाइटी और दूसरी मानसिक परेशानियां होती हैं।
डोपामाइन : इसकी अधिकता होने से सिजोफ्रेनिया और कम होने से डिप्रेशन, मसल्स पर असर पड़ता है। पार्किंसन्स होने का खतरा रहता है।
नोरेपिफ्रिन : इसके असंतुलन से सिजो फ्रेनिया और डिप्रेशन की दिक्कत होती है।
सेरोटोनिन : इसकी कमी से डिप्रेशन और कुछ तरह की एंजाइटी भी होती हैं। खासकर ऑब्ससेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर आदि।
एड्रिनालिन : इसकी कमी या अधिकता से एंजाइटी की परेशानी होती है।

मानसिक रोगों के लक्षण
एंजाइटी: अकारण चिंता, बेचैनी, हार्ट बीट और वजन का बढऩा या घटना, चेहरे या गले पर जलन जैसा महसूस होना।
डिप्रेशन: सिरदर्द, इनसोमानिया, मसल्स और जोड़ों में दर्द, कमर दर्द, सीने में दर्द, पाचन संबंधी दिक्कत होती है।
सिजोफ्रेनिया: भ्रम की स्थिति, मरीज को अजीब आवाजें सुनाई देती हैं। अकेले रहना, सामान्य कार्यों में रुचि न लेना आदि।


ऐसे करें बचाव
अकेले न रहें। कोई परेशानी है तो परिजनों से साझा करें। दिनचर्या नियमित रखें। नशा न करें। तनाव वाले कामों से बचें। अगर फिर भी दिक्कत है तो मनोचिकित्सक को जरूर दिखाएं।
डॉ. सुनील शर्मा, मनोचिकित्सक