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अभी हाल ही एक रिपोर्ट आई थी कि देर रात तक मोबाइल फोन या लैपटॉप से चिपके रहने की आदत या शिफ्टों में काम करने की मजबूरी के चलते भारत में लोगों की नींद लगातार कम हो रही है, जिसका सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है। फिलिप्स द्वारा किये गये बेटर स्लीप बेटर हेल्थ शीर्षक एक सर्वे के अनुसार एक वैश्विक सर्वेक्षण की मानें तो 32 प्रतिशत भारतीय व्यस्कों की नींद कम होने की प्रमुख वजह तकनीक से होने वाला व्यवधान है। ये तो बात रही तकनीक की वजह से नींद न आने की दिक्कत। अब हम यहां जिस रिपोर्ट का जिक्र करने जा रहे हैं, उसके बारे में जानकर बॉस और कर्मचारी के होश उड़ जाएंगे।
जी हां, क्या आपके बॉस आपको हमेशा ई-मेल (Email) से जुड़े रहने और सीमा से ज्यादा कार्य करने की हिदायत देते हैं? अगर ऐसा है, तो यह आपके स्वास्थ्य व सेहत को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आपके परिवारिक रिश्तों में टकराव पैदा कर सकता है। एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। गैर-कामकाजी घंटों के दौरान मालिकों द्वारा काम की अपेक्षा पर जोर देने के कारण पारिवारिक संबंधों में तनाव पैदा होता है, क्योंकि कर्मचारी घर से काम के इतर भूमिकाएं पूरा करने में असमर्थ होते हैं।
अमेरिका के पेंसिलवेनिया स्थित लेहघ विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर लिउबा बेल्किन ने कहा, "ऐसी अपेक्षाएं घातक तनाव पैदा करती हैं, जो न केवल कर्मचारियों की चिंता को बढ़ाने, उनके रिश्ते में संतुष्टि को कम करने और कर्मचारी स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालने का काम करती हैं, बल्कि यह उनके साथी के स्वास्थ्य और वैवाहिक संतुष्टि धारणाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।"
कर्मचारियों को हानिकारक प्रभावों का अनुभव करने के लिए अपने आराम के घंटों में काम पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। यह निष्कर्ष शिकागो में एकेडमी ऑफ मैनेजमैंट की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया। इस रिपोर्ट के बाद देखते हैं कि बॉस अपने कर्मचारियों की सेहत व उनके रिश्तों का कितना खयाल रखते हैं।
Published on:
13 Aug 2018 03:14 pm
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