पूर्व सीएम हुड्डा का दावा, हरियाणा में इवेंट मैनेजमेंट की सरकार

Shankar Sharma

Publish: Oct, 12 2017 09:35:32 (IST)

Hisar, Haryana, India
पूर्व सीएम हुड्डा का दावा, हरियाणा में इवेंट मैनेजमेंट की सरकार

हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए कहा है कि तीन वर्षों में यह सरकार इवेंट मैनेजमेंट सरकार बनकर रह गई है

चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए कहा है कि तीन वर्षों में यह सरकार इवेंट मैनेजमेंट सरकार बनकर रह गई है। कभी गुरुग्राम में हैपङ्क्षनग हरियाणा करते हैं, कभी गोल्डन जुबली समारोह तो कभी गीता व सरस्वती के नाम पर लोगों का ध्यान अपनी विफलताओं से हटाने की कोशिश की जाती है।


आज यहां पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि समारोह करना गलत बात नहीं है लेकिन प्रदेश के लोगों की समस्याओं को दूर करना भी सरकार की ड्यूटी है। दो साल हो गए गुरुग्राम में हैपङ्क्षनग हरियाणा का आयोजन किए लेकिन आज तक एक भी रुपए का भी निवेश नहीं हुआ है। दावा तो पौने सात लाख करोड़ रुपए के निवेश का किया था। सरकार इस बात का जवाब दे कि राज्य में निवेशक आने की बजाय यहां से पलायन क्यों कर रहे हैं।


उन्होंने कहा,तीन वर्षों में तीन बार राज्य को जलवाया जा चुका है। पहले जाट आरक्षण आंदोलन से निपटने में सरकार विफल रही और आगजनी हुई। इससे पहले सतलोक आश्रम के मामले में विफल रही और अब डेरा मामले में पंचकूला को आग के हवाले कर दिया गया। पहले तो खुद ही डेरा समर्थकों को पंचकूला बुलाया गया और फिर उन पर पुलिस से गोलियां चलवाई गईं। इतिहास में आज तक कभी नहीं हुआ जब किसी सरकार के 3 साल के कार्यकाल में 80 लोगों की जान पुलिस गोली से गई हो।


पूर्व सीएम ने कहा, पंचकूला हिंसा में मारे गए सभी लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। यह लोग सरकार की वजह से मरे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश ङ्क्षसह तो जाट आरक्षण आंदोलन के बाद ही अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल है। उन्होंने तो सीएमओ तक पर सवाल उठाए थे। भ्रष्टाचार के मामले में सरकार के जीरो टोलरेंस के दावे का मजाक बताते हुए हुड्डा ने कहा, माइनिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से स्पष्ट हो चुका है कि सरकार कितनी पारदर्शी है।

दादुपुर-नलवी पर सदन में होगा हंगामा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट कर दिया है कि 23 अक्तूबर से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में दादुपुर-नलवी नहर को डि-नोटिफाई करने पर हंगामा होना तय है। उन्होंने कहा, अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वह सदन को नहीं चलने देंगे।

इस बारे में स्पीकर को काम रोको प्रस्ताव भी दिया जा चुका है। हुड्डा ने कहा, किसानों के हित से बढकऱ कुछ नहीं है। बेशक, सरकार को इसके लिए अधिक पैसा ही क्यों न खर्च करना पड़े। हाईकोर्ट द्वारा मुआवजा बढ़ाए जाने के बाद ही सरकार को यह योजना बेकार नजऱ आई, इससे पहले क्यों नहीं इस पर आपत्ति की गई।

वापस नहीं दे सकते जमीन
पूर्व सीएम ने दावा करते हुए कहा, सरकार किसानों की जमीन वापस भी नहीं लौटा सकती। उनसे पंद्रह प्रतिशत ब्याज के साथ मुआवजा वापस लेना तो बहुत दूर की बात है। उन्होंने कहा, आज के दिन यह जमीन सरकार की प्रॉपर्टी है और इसे अधिग्रहण के समय दिए गए मुआवजा राशि के बदले किसानों को वैसे भी नहीं लौटाया जा सकता। किसानों ने अपनी मर्जी से सरकार को जमीन नहीं दी थी, उनकी जमीन ली गई थी। ऐसे में अगर अब वे किसान जमीन वापस नहीं लेते तो सरकार को हाईकोर्ट द्वारा तय मुआवजा ही किसानों को देना होगा।

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