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धरतीपुत्रों पर भारी कालाबाजारी

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Farmers

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अशोक सिंह राजपुरोहित
खाद-बीज एवं कीटनाशक के जरिए किसानों के साथ धोखाधड़ी चिंताजनक है। स्थानीय एजेंटों के माध्यम से गुजरात, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना से अवैध बीज, खाद और कीटनाशक कर्नाटक के किसानों को बेचे जा रहे हैं। ऐसे उत्पादों के उपयोग के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीज, खाद और कीटनाशक विक्रेताओं को दुकान और गोदाम चलाने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है लेकिन लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि कुछ कंपनियां बिना लाइसेंस वाले व्यापारियों के जरिए घटिया उत्पाद बेचने में लिप्त हैं। कृषि विभाग सतर्कता प्रकोष्ठ ने जब कर्नाटक के बेलगावी जिले में नियमों का उल्लंघन और बिना लाइसेंस के बीज, खाद और कीटनाशक का स्टॉक करने वाले व्यापारियों की दुकानों एवं गोदामों पर छापेमारी की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। अवैध रूप से 2.58 करोड़ रुपए का बीज व खाद का स्टॉक जब्त किया।
जब व्यापारी अवैध रूप से स्टॉक करते हैं, तो वे मांग और आपूर्ति के असंतुलन का लाभ उठाकर उत्पादों की कीमतें बढ़ा देते हैं, जिससे किसानों को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। अवैध स्टॉक किए गए बीज और खाद की गुणवत्ता की गारंटी नहीं होती। कम गुणवत्ता वाले खाद व बीज के उपयोग से फसलों की पैदावार घट जाती है। बिना लाइसेंस और नियमों का उल्लंघन कर बेचने से निम्न गुणवत्ता के उत्पाद फसलों और मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। इस बार बुवाई का मौसम जोर पकड़ रहा है। अवैध स्टॉक के कारण किसानों को समय पर आवश्यक बीज और खाद नहीं मिल पा रहे हैं जिससे उनकी खेती की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उच्च कीमतें और कम गुणवत्ता के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसानों के साथ कोई धोखाधड़ी न हो। अवैध बीज, खाद और कीटनाशक बेचने वालों तथा अवैद्य स्टॉक रखने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को सख्त कानून बनाने के साथ ही निगरानी तंत्र को मजबूत करना चाहिए। ऐसे व्यापारियों के लाइसेंस रद्द किए जाने चाहिए। सभी लेनदेन और स्टॉक का उचित रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए।
किसानों को खरीद करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। केवल लाइसेंस प्राप्त और विश्वसनीय विक्रेताओं से ही बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने चाहिए। अवैध उत्पादों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए रेडियो, टीवी, सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। सरकार को किसानों को सही बीज, खाद और कीटनाशक प्राप्त करने में सहायता करनी चाहिए। किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से बीज और खाद उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि वे उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद प्राप्त कर सकें। यह सुनिश्चित करें कि उत्पाद आइएसओ प्रमाणित हो और आवश्यक गुणवत्ता मानकों को पूरे करते हो। उत्पादों पर दिए गए लेबल और बैच नंबर को ध्यान से जांचें। हर खरीदारी के बाद विक्रेता से उचित रसीद जरूर लें। इससे किसी समस्या के सामने आने पर शिकायत करने में आसानी रहती है। कृषि विशेषज्ञों से मिट्टी की जांच कराएं। उनकी सलाह के अनुसार ही खाद और कीटनाशक का चयन करें। आसपास के किसानों से उत्पादों के बारे में उनकी राय ली जा सकती है।
किसानों के लिए सरल और प्रभावी शिकायत प्रणाली स्थापित की जा सकती है जिससे वे किसी भी अवैध उत्पाद के बारे में तुरंत शिकायत दर्ज कर सकें। कृषि हेल्पलाइन शुरू की जाएं जहां किसान सलाह और जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए अनुदान या सब्सिडी प्रदान की जा सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके बीज और खाद की बिक्री को पारदर्शी बनाया जा सकता है, जिससे अवैध स्टॉकिंग पर अंकुश लगाया जा सकता है। अवैध बीज, खाद और कीटनाशक से बचाने के लिए सरकार, विक्रेताओं और किसानों को मिलकर काम करने की जरूरत है। इससे कृषि में गुणवत्ता और उत्पादन को बनाए रखने में मदद मिल सकेगी और किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। सही उत्पादों के उपयोग से फसलों की गुणवत्ता और पैदावार भी बढ़ेगी। उच्च गुणवत्ता की फसलें बेहतर कीमत पर बिकेंगी, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ भी होगा। अच्छे उत्पादों के इस्तेमाल से किसानों का स्वास्थ्य और पर्यावरण भी सुरक्षित रह सकेगा। ashok.singh@in.patrika.com