मुख्यमंत्री ने कहा- खतरा अभी टला नहीं, हमें फिर वो दौर नहीं देखना, हमें नंबर-1 रहना है

तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार हैं 11 अस्पतालों के 11 ऑक्सीजन प्लांट, मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण...। इंदौर से कहा धन्यवाद...।

By: Manish Gite

Updated: 03 Jul 2021, 05:42 PM IST

इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को 11 अस्पतालों के 11 ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया। इंदौर के खेल प्रशाल में आयोजित 'धन्यवाद इंदौर' कार्यक्रम में उन्होंने इंदौरवासियों को धन्यवाद दिया और तीसरी लहर से सतर्क रहने की हिदायत दी। चौहान ने कहा कि पिछले चार दिन में फिर से केस बढ़ने लगे हैं, इसलिए सभी को अलर्ट रहना है। खासकर इंदौरवासियों को देश में नंबर वन रहना है।

 

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं उन लोगों को प्रणाम करता हूं, जिन लोगों ने जनता को बचाया। सीएम ने एक के बाद एक कई डाक्टरों के नाम भी लिए। सभी डाक्टरों की जमकर सराहना की। हम डाक्टरों के भी बलिदान को कभी भुला नहीं पाएंगे।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं आज धन्यवाद देने आया हूं। इंदौरीयत और इंदौर की जनता को प्रणाम करता हूं। स्वच्छता में प्रथम, समर्पण, सेवा में प्रथम, सामाजिक सदभाव में प्रथम, समन्वय में प्रथम, संस्कृति और संस्कारों में प्रथम इंदौर, सच में धन्य है यह इंदौर।

 

 

मैं रात-रात भर नहीं सोया

चौहान ने कहा था कि दूसरी लहर खतरनाक थी। पहली लहर में तो परिवार का एक-दो सदस्य पाजीटिव होते थे। लेकिन, दूसरी लहर में परिवार के परिवार। सबसे बड़ी तकलीफ थी आक्सीजन की। जब लंग्स काम करना बंद कर दें तो कितनी पीड़ा होती है। भयंकर पीड़ादाई समय होते हैं वो। ऐसे में जब अस्पताल भर जाएं, बिस्तर मिलने में दिक्कत हों। काम सब ने डंटकर दिया। संकट ऐसा विकट था कि प्रबंध छोटे पड़ गए। वो सात दिन मैं कभी नहीं भूल सकता जब आक्सीजन का संकट आया। सात दिन में पलक नहीं छपका पाया। आक्सीजन आधे दिन की बची है, जल्दी आक्सीजन भिजवाओ। भारत सरकार से लेकर प्राइवेट संस्थान तक, कहां से आक्सीजन मिलेगी। टैंकर कब चला, कहां तक पहुंचा। मैं टैंकर के ड्राइवर से भी बात करता था। सो मत जाना, चाय पी की नहीं। मुझे भी रात-रात भर नींद नहीं आई। भगवान से भी प्रार्थना करते थे कि हे भगवान इस दौर से निकाल दो।

सभी ने मिलकर काम किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि संकट के दौर में सभी ने मिलकर काम किया। सभी फैसले भोपाल से नहीं होते थे। इंदौर का फैसला इंदौर करेगा। पंचायत का फैसला पंचायत में होगा। क्या खुला रहेगा क्या बंद रहेगा। कोरोना को हिन्दुस्तान में सबसे पहले थामा तो वो है अपना मध्यप्रदेश और अपना इंदौर। यह उदाहरण बन गया।

और क्या बोले सीएम

  • -इंदौर में 76 प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ।
  • -जल्द ही पूरे प्रदेश को पूरी तरह से वैक्सीनेट कर देंगे।
  • -केस थोड़े-थोड़े बढ़ने लगे हैं, इसलिए सभी रहें अलर्ट।
  • -तीसरी लहर आ भी सकती है, नहीं भी आए।
  • -तीसरी लहर आए चाहे न आए ऐसा व्यवहार करें कि सभी कामकाज भी चले। कोरोना के हिसाब से व्यवहार करें।
  • -इंदौर को पूरे देश में माडल बनना है। मुझे विश्वास है इंदौरवासी इसमें भी नंबर वन बनेंगे।
  • -यदि वैक्सीन लगी है तो होगा नहीं, और यदि कोरोना हुआ तो सीरियस नहीं होगा। यह अन्य देशों को देखकर अनुभव है।
  • -चौहान बोले थोड़ी कड़की है, पैसा आया ही नहीं टैक्स का. खजाना अभी खाली है। लेकिन एक चीज कहना चाहता हूं इंदौर में अलग-अलग
  • रोजगार देने वाला माडल कैसे बने। छोटे कारखाने, लघु उद्योग, फुटपाथ, हाथठेले, स्ट्रीट वेंडर को यदि पैसों की जरूरत है तो उसे कोई सूदखोर के पास नहीं जाना पड़े।
  • मेरा सुझाव है कि इंदौर रोजगार के मामले में भी माडल बने।

यह भी है कार्यक्रम

'धन्यवाद इंदौर' का आयोजन सांसद शंकर लालवानी की ओर से किया गया है। यह आयोजन वैक्सीनेशन और स्मार्ट सिटी में नंबर वन आने और कोविड की दूसरी लहर से उबरने में जनसहयोग को लेकर सांसद ने आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में सीएम मुख्य अतिथि हैं।

 

तीन बजे इंदौर पहुंचे सीएम

इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को दोपहर पौने तीन बजे इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचे, यहां से वे एआइसीटीएसएल कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कोरोना की समीक्षा की। चौहान ने शनिवार को समीक्षा बैठक में संभावित तीसरी लहर की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद चौहान पीसी सेठी अस्पताल भी गए, जहां उन्होंने कोविड से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अस्पताल में खासकर बच्चों और महिलाओं के लिए सुविधाएं जुटाई गई हैं।

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