नवरात्रि : इस बार गज पर होगा माता का आगमन, बन रहे कई दुर्लभ संयोग पलट देंगे किस्मत

नवरात्रि : इस बार गज पर होगा माता का आगमन, बन रहे कई दुर्लभ संयोग पलट देंगे किस्मत
नवरात्रि : इस बार गज पर होगा माता का आगमन, बन रहे कई दुर्लभ संयोग पलट देंगे किस्मत

Hussain Ali | Updated: 23 Sep 2019, 04:48:17 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्रि 29 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस बार माता का आगमन गज (हाथी) पर होगा। ऐसा कहा जाता है कि यह समृद्धि और बारिश का संकेत देने वाला वाहन है।

इंदौर. शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्रि 29 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस बार माता का आगमन गज (हाथी) पर होगा। ऐसा कहा जाता है कि यह समृद्धि और बारिश का संकेत देने वाला वाहन है। स्थापना के अवसर पर कई दुर्लभ संयोग भी बन रहे हैं। ब्रह्मयोग के साथ मंगलकारी अमृत व सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। ज्योतिर्विदों के मुताबिक यह संयोग मां दुर्गा की आराधना को और भी लाभदायक बना देता है, जिससे साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।

नवरात्रि : इस बार गज पर होगा माता का आगमन, बन रहे कई दुर्लभ संयोग पलट देंगे किस्मत

ये हैं नवरात्रि के मुहूर्त

अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 28 सितंबर को रात 11.55 बजे होगी, जो 29 सितंबर रात 8.13 बजे तक रहेगी। नवरात्रि के शुभ हस्त नक्षत्र सूर्योदय से शाम 7.16 बजे तक रहेगा, जबकि ब्रह्म योग शाम 4.09 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग सूर्योदय से शाम 7.06 बजे तक रहेगा।

रविवार और सोमवार का वाहन है गज

ज्योतिर्विदों के मुताबिक अगर रविवार और सोमवार को नवरात्रि शुरू होती है तो माता का वाहन गज (हाथी) होता है। इसी तरह शनिवार और मंगलवार को आगमन का वाहन घोड़ा, शुक्रवार को डोला, बुधवार को नाव होती है। घोड़े पर आने पर युद्ध, नाव पर आने पर कार्यों में सिद्धि और डोला आगमन होने पर प्राकृतिक आपदा के संकेत मिलते हैं।

नवरात्रि : इस बार गज पर होगा माता का आगमन, बन रहे कई दुर्लभ संयोग पलट देंगे किस्मत

नवरात्रि में इन बातों का विशेष रूप से रखें ध्यान

  • नवरात्रि में मिट्टी, पीतल, तांबा, चांदी या सोने का ही कलश स्थापित करें, लोहे या स्टील के कलश का प्रयोग बिल्कुल न करें।
  • व्रत करने वाले साधक को जमीन पर सोना चाहिए और केवल फलाहार करना चाहिए।
  • नवरात्रि के दौरान क्रोध, मोह, लोभ का त्याग करें।
  • नवरात्र के दौरान साधक को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
  • अगर सूतक हो तो घटस्थापना न करें और यदि नवरात्र के बीच में सूतक हो जाए तो कोई दोष नहीं होता।
  • नवरात्रि का व्रत करने वाले भक्तों को कन्या पूजन अवश्य करना चाहिए।
    चौराहों पर रात में ध्यान से चलें। आमतौर पर तंत्र-मंत्र कर वस्तुओं को चौराहों पर ही रखा जाता है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned