ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने एक महीने पहले ही लगाया था प्रतिबंध
इंदौर. न्यूज टुडे. लगातार मिल रही शिकायतों और अवैध रूप से इंदौर में चल रही एप आधारित रेपीडो बाइक टैक्सी सर्विस को आरटीओ द्वारा करीब एक माह पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया है। बावजूद कंपनी ने आज भी अपनी सर्विसेस जारी रखी है। परिवहन विभाग के अफसर भी कार्रवाई करने में नाकाम हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी ने इंदौर में अपना कार्यालय तो बंद कर दिया है, लेकिन सड़क से ही बुकिंग की जा रही है। कंपनी के बाइक सवार भी शहर की अलग-अलग लोकेशन पर तैनात हैं, कॉल आने पर ग्राहकों के पास भी पहुंच रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आरटीओ जितेंद्र सिंह रघुवंशी द्वारा जुलाई माह में रेपीडो सहित अन्य कुछ कंपनियों को नोटिस जारी कर प्रतिबंध लगा दिया गया था। जारी नोटिस में कहा गया था कि एप बेस्ड टैक्सी व बाइक राइड आदि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं के ऐवज में आम यात्रियों से जो शुल्क लिया जा रहा है, वह आरटीओ द्वारा शुल्क निर्धारण से अलग है। जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। इसके साथ स्कीम को भी बदला गया है। इस नोटिस के बाद आरटीओ अमले ने कार्रवाई करते हुए १०० से अधिक रेपीडो बाइक जब्त कर चालानी कार्रवाई भी की थी।
दो दिन पहले कलेक्टर कार्यालय पर टैक्सी-ऑटो चालकों की जिला प्रशासन के साथ बैठक हुई थी। इस बैठक में आरटीओ अफसरों ने स्वीकार किया कि शहर में चल रही रेपीडो को पकड़ नहीं पा रहे हैं। वजह यह बताई गई कि कंपनी का कार्यालय बंद है। रेपीडो में जो बाइक सेवाएं दी जा रही हैं, वह निजी हैं। ऐसे में कैसे पता चलेगा कि बाइक पर जो व्यक्ति जा रहा है, वह कंपनी की सेवा ले रहा है, या फिर बाइक सवार का परिचित है। हालांकि आरटीओ अफसर अब दोबारा खुद रेपीडो बुक कर जब्ती की कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
इसलिए किया था प्रतिबंधित
रेंट ए मोटरसाइकल स्कीम के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति निर्धारित नियमों का पालन कर प्रचालक से बाइक व स्कूटर किराये पर ले सकता है और स्वयं चला सकता है, लेकिन रेपीडो व अन्य कंपनियों ने स्कीम को ही बदल दिया।