CAIT ने IT Minister को लिखा खत, Huawei और ZTE पर लगाया जाए Ban

  • CAIT ने 5G Network रोलआउट में चीनी कंपनी Huawei और ZTE के भाग लेने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
  • IT Minister के सामने Huawei और ZTE द्वारा देश में इंटेलीजेंस सिस्टम खोलने की रखी आशंका

By: Saurabh Sharma

Updated: 12 Aug 2020, 02:53 PM IST

नई दिल्ली। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( Confederation of All India Traders ) ने केंद्रीय संचार और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ( Union Communications and Technology Minister Ravi Shankar Prasad ) को एक पत्र भेजकर भारत में 5जी नेटवर्क रोलआउट ( 5G Network Rollout ) में चीनी कंपनी हुवावे ( Huawei ) और जेडटीई कॉर्पोरेशन ( ZTE Corporation ) के भाग लेने पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। कैट ( CAIT ) ने अपने पत्र में कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और डाटा सुरक्षा के लिए यह प्रतिबंध बेहद आवश्यक है। कैट ने यह मांग चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के गत 10 जून को घोषित राष्ट्रीय अभियान भारतीय सामान-हमारा अभिमान के तहत की है।

यह भी पढ़ेंः- Gold Silver Price Crash: चार दिनों में 17 हजार सस्ती हुर्इ चांदी, सोना 6200 रुपए नीचे

हुवावे और जेडटीई को प्रतिबंधित करने की मांग
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री प्रसाद को भेजे पत्र में कहा है कि चीन के हुवावे एवं जेडटीई कॉर्पोरेशन के भारत में 5जी नेटवर्क रोलआउट में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही सरकार यह प्रतिबंध भी लगाए कि इन दोनों चीनी कंपनियों की प्रौद्योगिकी और उनके उपकरणों को कोई भी कंपनी 5जी नेटवर्क के रोलआउट में इस्तेमाल न करे। उन्होंने कहा कि यह पता चला है कि हुवावे और जेडटीई दोनों चीनी कंपनियों ने भारत में रोलआउट किए जाने के लिए 5जी नेटवर्क के बुनियादी ढांचे में भाग लेने के लिए आवेदन किया है।

यह भी पढ़ेंः- बाढ़ प्रभावित राज्यों में Free Ration की होगी Doorstep Delivery

बाजार को हथियाने की कोशिश
जून के महीने में सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का हवाला देते हुए कैट ने कहा कि यदि चीनी कंपनियों को यह अनुमति दी जाती है तो वह निश्चित रूप से 5जी नेटवर्क के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर बनाने के अवसर को हड़पने का एक मौका होगा और भारतीय दूर संचार पर चीनी कंपनियों का लगभग कब्जा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जबकि प्रतिबंध लगने की स्थिति में भारतीय कपनियों को अपनी टेक्नोलॉजी को उच्चस्तरीय करने का अवसर मिलेगा, जो देश के निर्यात और आयात में सुधार के लिए काफी हद तक फायदेमंद होगा।

यह भी पढ़ेंः- IT Department ने किया Chinese Money Laundering का पर्दाफाश, 1000 करोड़ रुपए के मामले में कई चीनियों पर कार्रवाई

ऑस्ट्रेलियन सरकार भी लगा चुकी बैन
कैट ने कहा कि इस बात की बड़ी आशंका है कि हुवावे अपनी तकनीक प्रणाली में एक इंटेलीजेंस सिस्टम विकसित कर सकती है, जिसके द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना या डाटा पर निगरानी हो सकेगी। इन्हीं सब आशंकाओं के कारण करीब दो साल पहले ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भी इन दोनों कंपनियों को 5जी रोलआउट पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं दुनिया के बाकी देश भी इन दोनों कंपनियों पर संदेह कर रहे हैं। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि आखिर भारत सरकार इस मामले में क्या कदम उठाता है।

Show More
Saurabh Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned