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IPL 2022: कोचिंग सेंटर में लगाते थे पोंछा और पहुंचाते थे गैस सिलिंडर, ऐसी है अलीगढ़ के रिंकू सिंह की कहानी

IPL 2022: रिंकू ने 23 गेंद में 42 रन की नाबाद पारी खेली और अपनी टीम को IPL 2022 में जोरदार वापसी कराई। 24 साल में रिंकू सिंह बेहद गरीब परिवार से आते हैं। उनकी कामयाबी बताती है कि अगर आपके इरादे पक्के हों और हौसले बुलंद तो आसमान का सीना भी चीर सकते हैं।

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IPL 2022: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है। जहां अगर आपके पास टैलेंट हो तो देर सवेर ही सही लेकिन आपको अपनी काबिलियत दिखने का मौका मिल ही जाता है। सोमवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने लगातार 5 हार के बाद राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ जीत दर्ज की। कोलकाता की इस जीत के हीरो बल्लेबाज रिंकू सिंह थे।

रिंकू ने 23 गेंद में 42 रन की नाबाद पारी खेली और अपनी टीम को IPL 2022 में जोरदार वापसी कराई। 24 साल में रिंकू सिंह बेहद गरीब परिवार से आते हैं। उनकी कामयाबी बताती है कि अगर आपके इरादे पक्के हों और हौसले बुलंद तो आसमान का सीना भी चीर सकते हैं।

रिंकू अलीगढ़ से हैं। उनके पिता गैस वैंडर हैं। बचपन से ही रिंकू को क्रिकेट बहुत पसंद था। लेकिन घर की माली हालत ठीक न होने के चलते उनके पिता नहीं चाहते थे कि वे इन सब में अपना समय खराब करें। इसके चलते कई बार रिंकू कि पिटाई भी होती थी।

लेकिन रिंकू के इरादे पक्के थे और उन्हें उनके भाइयों का साथ मिला। रिंकू आने पिता की मारजी के बिना क्रिकेट खेलते गए, एक टूर्नामेंट ऐसा भी आया जब रिंकू को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए इनाम के तौर पर मोटरसाइकिल मिली। जो उन्होंने अपने पिता को गिफ्ट दे दी।

बस फिर क्या था पिता को भी लगा कि अलीगढ़ के कारोबारियों और कोठियों में गैस सिलिंडर पहुंचाने के सालों के काम में वे जिस मोटरसाइकिल को नहीं ख़रीद सके, वो बेटे के क्रिकेट से मिल गई। लिहाजा मार पिटाई तो बंद हो गई. लेकिन परिवार के सामने आर्थिक चुनौतियां बनी हुईं थीं.

घर खर्च चलाने के लिए रिंकू का काम करना भी जरूरी था। ऐसे में उन्होंने एक कोचिंग सेंटर में पोंछा लगाने का काम शुरू किया। वह सुबह-सुबह जाकर कोचिंग सेंटर में पोंछा लगाने लगे। लेकिन कुछ समय बाद वे परेशान हो गए और नौकरी छोड़ दी। वे पढ़ाई में भी अच्छे नहीं थे। ऐसे में उनके सामने सिर्फ क्रिकेट की एक विकल्प था।

घर खर्च चलाने के लिए रिंकू का काम करना भी जरूरी था। ऐसे में उन्होंने एक कोचिंग सेंटर में पोंछा लगाने का काम शुरू किया। वह सुबह-सुबह जाकर कोचिंग सेंटर में पोंछा लगाने लगे। लेकिन कुछ समय बाद वे परेशान हो गए और नौकरी छोड़ दी। वे पढ़ाई में भी अच्छे नहीं थे। ऐसे में उनके सामने सिर्फ क्रिकेट की एक विकल्प था।

रिंकू सिंह, 2016 से ही उत्तर प्रदेश की ओर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हिस्सा ले रहे हैं और पांच शतक और 16 अर्धशतक की मदद से अब तक 2307 रन बनाए हैं.