scriptbrothers love: To save brother life, he stood up against his wife | जीता भाई का प्यार : भाई की जान बचाने पत्नी के खिलाफ हुआ खड़ा, आखिर में जीता - रुला देगी ये कहानी | Patrika News

जीता भाई का प्यार : भाई की जान बचाने पत्नी के खिलाफ हुआ खड़ा, आखिर में जीता - रुला देगी ये कहानी

locationजबलपुरPublished: Feb 07, 2024 11:14:06 am

Submitted by:

Lalit kostha

जीता भाई का प्यार : भाई की जान बचाने पत्नी के खिलाफ हुआ खड़ा, आखिर में जीता - रुला देगी ये कहानी

 

brothers love
brothers love

जबलपुर. सम्पत्ति विवाद में भाई से भाई के बीच झगड़े के किस्से तो आम हैं। लेकिन, एक भाई दूसरे की जान बचाने के लिए किसी और से नहीं बल्कि अपनी पत्नी से ही भिड़ गया। समझाने के सभी जतन जब नाकाम रहे तो उसने बड़े भाई को लिवर डिशू डोनेट करने के लिए भाभी के जरिए पत्नी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करवाया। पत्नी फिर भी तैयार नहीं हुई। अंतत: दलीलों और तर्कों के आगे भाई से भाई का प्यार जीत गया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस राजमोहन सिंह की एकलपीठ ने अनुवांशिक आधार पर लिवर टिशू डोनेट करने की अनुमति प्रदान कर दी।

पत्नी लिवर टिशू डोनेशन के थी खिलाफ, हाईकोर्ट ने अनुवांशिक आधार पर दी अनुमति

भावुक कर देने वाली यह कहानी भोपाल के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी निवासी अग्रवाल परिवार की है। बड़े भाई का लिवर खराब हो जाने पर मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी। काफी प्रयासों के बाद भी जब लिवर टिशू नहीं मिला तो छोटे भाई ने जांच कराई। मैच हो जाने पर वह लिवर टिशू डोनेट करने तैयार हो गया। लेकिन छोटे भाई की पत्नी ने प्रशासन से लेकर अस्पताल प्रबंधन के सामने अपनी असहमति जताई और पति को किसी भी कीमत पर लिवर टिशू डोनेट नहीं करने देने की बात कही। इसी बीच अस्पताल में भर्ती बड़े भाई की हालत बिगड़ने लगी तो छोटा भाई तड़प उठा। उसने भाभी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पत्नी की आपत्तियों को दरकिनार कर भाई की जान बचाने के लिए लिवर टिशू डोनेट करने की अनुमति देने की प्रार्थना की।