प्राइवेट गोदाम से 40 हजार किलो बच्चों का पोषण आहार जब्त

आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषण आहार को बाजार में बेचने की थी तैयारी, तहसीलदार ने दी दबिश, वाहन सहित भारी मात्रा में पैकेट जब्त

जबलपुर। शहर में बच्चों के पोषण आहार के दुरुपयोग को लेकर प्रशासन ने शनिवार को व्यापक कार्रवाई की। तहसीलदार पंकज मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने गोरैयाघाट स्थित एक प्राइवेट गोदाम में दबिश दी। यहां भारी मात्रा में एकत्रित पोषण आहार को देखकर प्रशासन स्वयं दंग रह गया। बताया जा रहा है कि गोदाम के भीतर करीब 40 हजार पोषण आहार पैकेट एकत्रित कर रखे गए थे, जिसे खोलकर बोरों में री-पैकिंग की जा रही थी। तहसीलदार मिश्रा ने दोपहर 3 बजे के आसपास मुखबिर सूचना पर पुलिस बल की मदद से कार्रवाई की और वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी है। इसके बाद कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर छोटे सिंह ने भी स्थल में दस्तक दी। बताया जा रहा है कि इस गोदाम में पोषण आहार के पैकेट को री-पैकिंग करते हुए खुले बाजार तक पहुंचाया जाता है। 

Poshan aahar jabalpur

बच्चों का 'पोषण आहार' बनता है मवेशियों का आहार
प्रशासनिक अमले ने बताया कि केंद्र में 40 हजार पैकेट पोषण आहार भंडारित कर रखे गए थे। इन पैकेट को खोलकर 25-25 किलोग्राम के बोरों में री-पैकिंग की जाती थी और फिर इसे खुले बाजार में वाहन के जरिए पहुंचाया जाता था। बच्चों के इस पोषण आहार का उपयोग बाजार में मवेशियों के आहार के लिए किया जाता है। गोदाम से अमले ने आटा-बेसन लड्डू और हलुआ करीब 40 हजार किलोग्राम जब्त हुआ है। 

तो फिर केंद्रों में क्या बंट रहा?
प्रशासनिक कार्रवाई में पोषण आहार के दुरुपयोग से जुड़ा बड़ा मामला प्रकाश में आया है। इस मामले के खुलासे ने कई प्रश्न भी खड़े कर दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन जिले के हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों में शत प्रतिशत पोषण आहार वितरण किए जाते हैं। इन हालातों में इतनी बड़ी मात्रा में पोषण आहार बाजार में विक्रय के लिए एकत्रित होना विभाग को भी संदेह के दायरे में ला रहा है।

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें -

Show More
awkash garg
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned