GRP गजब है : एक ही हथकड़ी पहनाकर कोरोना पॉजिटिव और निगेटिव आरोपियों को करा दिया पैदल मार्च

एक हथकड़ी में कोरोना पॉजिटिव भी और निगेटिव भी।

By: Faiz

Published: 12 Apr 2021, 11:44 PM IST

जबलपुर/ एक तरफ तो मध्य प्रदेश के जबलपुर में कोरोना वायरस बेलगाम होता जा रहा है, वही दूसरी तरफ जबलपुर GRP की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, पुलिस द्वारा चोरी के मामले में दो आरोपियों को पकड़ा था। इन दोनों आरोपियों को पुलिस ने एक ही हथकड़ी लगाकर अदालत से पैदल मार्च निकालते हुए सेंट्रल जेल पहुंचाया। हैरानी की बात तो ये है कि, दोनों आरोपियों में सेएक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव थी, इसके बावजूद भी पुलिस द्वारा दोनों को एक ही हथकड़ी में बांधकर ले जाया गया। पुलिस को इस बारे में जानकारी थी, इसलिये सेंट्रलजेल ले जाने वाले पुलिसकर्मी ने खुद तो पीपीई किट पहन ली, लेकिन अन्य आरोपी की कोई परवाह नहीं की। बाद में सवाल किये जाने पर पुलिस द्वारा सफाई दी गई कि, वाहन खराब हो जाने के कारण आरोपियों को पैदल ले जाया गया था।

 

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भरी दोपहरी पीपीई-किट में दो पुलिस कर्मी हथकड़ी डाले ले गए जेल दाखिला कराने

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आपको बता दें कि, जीआरपी ने मोबाइल चोरी के मामले में खितौला के रहने वाले दाे आरोपियों को चोरी के जुर्म में रविवार को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट पेश किया गया। कोर्ट से दोनों का कोविड टेस्ट कराकर जेल दाखिला का वारंट जारी किया गया।GRP की ओर से सोमवार को दोनों आरोपियों का जिला विक्टोरिया अस्पताल में एंटीजन टेस्ट कराया गया। प्रधान आरक्षक नन्हें लाल के मुताबिक, दोनों आरोपियों की जांच की गई, जिनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और दूसरे की निगेटिव यहां से दोनों आरोपियों को जीआरपी थाने ले जाया गया। यहां से दोनों आरोपियों को GRP के हेड कांस्टेबल नन्हेलाल और एक अन्य सिपाही द्वारा पीपीई किट पहनकर पैदल सेंट्ल जेल ले जाया गया। एक संक्रमित और एक निगेटिव आए आरोपी को एक ही हथकड़ी में साथ-साथ लेकर निकले। कोविड संक्रमित आरोपी को इस तरह पैदल बीच बाजार से जाते हुए जिसने भी देखा, वो जीआरपी की इस लापरवाही के बारे में जानकर हैरान रह गया।

 

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थाना प्रभारी ने की मामले पर लीपापोती

मामले के तूल पकड़ने के बाद जीआरपी थाना प्रभारी सुनील नेमा ने इसपर सफाई देते हुए कहा कि, आरोपियों में एक नागपुर में था। वहां कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है। जेल दाखिल करने से पहले कोविड टेस्ट कराना जरूरी था। आरटीपीसीआर कराने के लिए दोनों को विक्टोरिया भेजा गया था। अब वहां से रिपोर्ट जेल प्रशासन को अब तक नहीं मिली है। इसलिये किसी एक के पॉजिटिव होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। हालांकि, पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के मद्देनजर पीपीई किट पहनाकर भेजा गया था।

 

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