नहीं सह सका चोरी के इल्जाम का अपमान, फांसी पर झूल गया पल्लेदार

-चोरी के संदेह पर पुलिस वालों संग दुकानदार के बेटों ने की थी पिटाई

By: Ajay Chaturvedi

Published: 20 Jul 2021, 07:02 PM IST

जबलपुर. पाटन मंडी में पल्लेदारी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले 55 वर्षीय सुरेश अहिरवार को अपना अपमान गवांरा नहीं हुआ। अपमान की ज्वाला इस कदर भभकी कि गल्ला मंडी से घर पहुंचते ही वह फांसी के फंदे पर झूल गए।

जानकारी के अनुसार पाटन क्षेत्र के वार्ड-4 चौधरी मोहल्ला निवासी सुरेश अहिरवार अनाज मंडी में पल्लेदार थे। पिछले 30 सालों से वहां पल्लेदारी कर रहे थे। लेकिन जहां वह पल्लेदारी करते थे उस दुकान के बेटों ने उन पर चोरी का इल्जाम लगा दिया और पुलिस वालों के साथ मिल कर कमरा बंद कर उनकी जमकर पिटाई कर दी। ये पिटाई और चोरी का इल्जाम, उनकी वर्षों की ईमानदारी पर भारी पड़ गया। वो इस अपमान को बर्दाश्त नहीं कर पाए और फांसी लगा कर जान दे दी।

पुलिस अधीक्षक से शिकायत को पहुंची सुरेश की पत्नी लाडली बाई का कहना है कि 15 जुलाई को पति को अनाज मंडी में सिंघई ट्रेडर्स के मुनीम संदीप ने 20 किलो मूंग बेच कर पैसा लाने के लिए दिया था। सुरेश पैसे लेकर पहुंचा तो वहां दुकानदार के बेटे पंकज और कित्तू ने उसे पकड़ लिया। थोड़ी ही देर में पाटन थाने में पदस्थ जवान फिरोज सहित तीन आरक्षक वहां आ गए। पत्नी का कहना रहा कि मूंग चोरी का आरोप लगाते हुए पंकज, कित्तू और तीनों सिपाहियों ने मिल कर उसके पति की बेरहमी से पिटाई की। बताया कि वो सभी पहले सबके सामने मेरे पति की पिटाई करते रहे। फिर जब कुछ लोग घटना की वीडियो बनाने लगे तो पति को दुकान के अंदर ले गए और शटर बंद कर बेरहमी से पीटा। इसकी जानकारी साथी पल्लेदारों ने बाद में दी थी। सुरेश बुझे मन से घर लौटा और पानी पीकर छत पर बने कमरे में सोने चला गया।

पत्नी ने रोते हुए बताया कि रात आठ बजे के करीब खाना बनाकर पति को बुलाने पहुंची तो वो फंदे से लटके हुए मिले। उन्हें इस तरह फंदे पर लटका देख चीख निकल आई जिसे सुनकर पड़ोस में रहने वाले देवर चंद चौधरी दौड़ कर आए। फिर रस्सी काटकर पति को फंदे से उतारा गया। घटना की सूचना लगते ही गांव का कोटवार डब्बू भी पहुंचा और पाटन थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस, 16 जुलाई को पल्लेदार को मानसिक रूप से कमजोर बताते हुए पीएम के लिए ले गई।

पत्नी का कहना है कि उसकी तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार में पति के अलावां कोई नहीं था। पीएम के दौरान शरीर के चोट दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पुलिस से की थी, लेकिन चार दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। लाडली बाई के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने एएसपी रोहित काशवानी को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। मामले में दोषी पुलिस वाले और दुकानदार के बेटों के खिलाफ हत्या के लिए मजबूर करने का प्रकरण दर्ज करने सहित पीड़िता को 10 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग भी की है।

बताया जा रहा है कि एसपी कार्यालय में शिकायत के बाद पाटन पुलिस एक्टिव हो गई है। एएसपी के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कर दी गई। इस मामले में सामने आई वीडियो फुटेज, साथी पल्लेदारों और पत्नी के बयान लेकर जांच की जा रही है। टीआई आसिफ इकबाल के मुताबिक जांच में जो तथ्य सामने आएगा। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। वहीं एएसपी रोहित काशवानी ने बताया कि प्रकरण में जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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