सीटें भरने निजी कॉलेजों के साथ मिलकर हेल्प सेंटर से हो रहा खेल

सीटें भरने निजी कॉलेजों के साथ मिलकर हेल्प सेंटर से हो रहा खेल
Seats fill up the Help Center with private colleges Game

Mayank Kumar Sahu | Publish: May, 06 2019 11:36:23 PM (IST) | Updated: May, 06 2019 11:36:25 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

पहले नंबर पर अपना कॉलेज बाकी शहर के बाहर के नाम लिख रहे, छात्राओं ने उच्च शिक्षा विभाग से की शिकायत, वेरीफिकेशन के दौरान ही निजी कॉलेज संचालक बदलवा देते हैं च्वाइस

जबलपुर।

बीएड और एमएड की सीट भरने निजी कॉलेज गोलमाल करने पर उतारू हो चुके हैं। एमपी ऑनलाइन के कियोस्क और हेल्प सेंटर के साथ मिलकर निजी कॉलेज मर्जी से आवेदकों के आवेदन में च्वाइस बदल रहे हैं। हाल में आधा दर्जन आवेदकों की शिकायत विभाग तक भेजी गई जिसके बाद यह मामला सामने आया है। जबकि अभी काउसलिंग का दूसरा चरण चालू है। जिसके लिए 1 जून तक प्रक्रिया चलेगी।

एेसी ही एक पीडि़त छात्रा सिविल लाइन निवासी छाया ग्रोवर ने बताया कि वेरीफिकेशन के वक्त उसके आवेदन में च्वाइस फिलिंग में बदलाव हुआ। उसके मुताबिक साइंस कॉलेज में वह वेरीफिकेशन करवाने गई। जहंा कुछ निजी कॉलेजों की टीचर मौजूद थे। उन्होंने मदद के बहाने उसके दस्तावेज लिए। कहा कि वो परेशान न हो उसका वेरीफिकेशन हो जाएगा। छात्रा के आवेदन पर दर्ज मोबाइल नंबर को बदल दिया गया। उसकी जगह दूसरा मोबाइल नंबर टीचरों ने दर्ज करवा दिया। ऑनलाइन प्रक्रिया में मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी जनरेट होता है। जिसकी मदद से आवेदक अपने आवेदन में संसोधन कर पाता है। ओटीपी की मदद से च्वाइस फिलिंग में बदलाव कर दिया गया। ऐसा कई छात्राओं के साथ हुआ। दो-तीन शिकायत पिछले दिनों क्षेत्रीय संचालक उच्च शिक्षा के पास भी भेजी गई थी। बाद में उनका कार्यकाल ही खत्म हो गया। इसलिए कार्रवाई नहीं हो पाई।

हेल्प सेंटर में दलालों का डेरा

निजी बीएड कॉलेज ने छात्रों को लुभाने के लिए हेल्प सेंटर के बाहर अपने शिक्षकों की ड्यूटी लगाई हुई है। सोमवार को महाकोशल कॉलेज में कई निजी कॉलेजों के लिए प्रलोभन देने वाले दलालों को खदेड़ा गया। मानकुंवर बाई कॉलेज और साइंस कॉलेज में कई दलाल छात्रों को एडमिशन के लिए बहकाने की कोशिश में लगे रहते हैं।

- हेल्प सेंटर में आवेदकों ने कुछ कॉलेजों की च्वाइस बदलने की शिकायत की थी। जिसके बाद कॉलेज परिसर में किसी भी कॉलेज संचालक या उनके प्रतिनिधि को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग को भी अवगत कराया गया है।

-डॉ.आर सेम्युअल,प्राचार्य अग्रणी महाकोशल कॉलेज

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