भरतपुर : 10 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृति का अटका भुगतान, विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर आवेदक

भरतपुर : 10 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृति का अटका भुगतान, विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर आवेदक

anandi lal | Updated: 26 Jul 2019, 08:27:08 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

भरतपुर : 10 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृति का अटका भुगतान, विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर आवेदक

भरतपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ( social justice and empowerment department ) की ओर से विद्यार्थियों को छात्रवृति ( Scholarship ) का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह विभाग के पास लंबे समय से बजट ही नहीं आया है। इसलिए आवेदक विभाग के चक्कर काट रहे हैं पर उनको न्याय नहीं मिल रहा है। जिला कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में यह मामला सामने आया तो जिला कलक्टर ने राज्य सरकार से इस संबंध में बजट जारी करने के लिए बात करने का आश्वासन दिया है।

17 करोड़ रुपए मिले तो बने बात

दरअसल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पास छात्रवृति के 10800 प्रकरण लम्बित हैं। बजट के अभाव में छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिला कलक्टर ने बताया कि वे इस मद में 17 करोड़ रुपए जारी करने के लिए जल्द ही राज्य सरकार से निवेदन करेंगी। बैठक में 100 दिवसीय कार्य योजनाएं सभी विभागों की जिले से सम्बन्धित पांच-पांच प्रमुख मांग, समस्या और उनके समाधान, राजस्थान सम्पर्क समाधान पोर्टल पर दर्ज समस्याओं के त्वरित समाधान संबंधी मंथन भी हुआ।

जिला कलक्टर ने जेवीवीएनएल के अधीक्षण अभियन्ता को घरेलू विद्युत कनेक्शन के पेंडेंसी दो माह में समाप्त करने तथा 1990 कृषि कनेक्शन 30 अगस्त तक करने, बिजली चोरी विशेषकर वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्र में रोकने के लिए निरंतर छापे मारने, खराब मीटर बदलने के निर्देश दिए।

ये पद भरने के प्रयास जारी

जिले में 11 पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों पर स्टाफ नहीं हैं तथा 16 पशु चिकित्सालयों में चिकित्सक नहीं हैं। ये पद भरने के प्रयास किए जा रहे हैं। भरतपुर शहर में कोर्ट कैम्पस के पास पॉली क्लीनिक है। अब हीरादास के पास पशु चिकत्सालय खोलने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। बयाना और भुसावर में पशु चिकित्सालय भवन के लिए भूमि तलाशने का काम जारी है। जिला मुख्यालय पर 50 लाख रुपए की लागत से पशु औषधी भण्डार बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले के आठ हजार किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 70 करोड़ रुपए का क्लेम 2 साल से अटका हुआ है। जिला कलक्टर ने संबन्धित बीमा कंपनी से इसका समाधान कराने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में डीएफओ बी केतन, जिला परिषद के सीईओ बीएल रमण, नगर निगम आयुक्त मानसिंह मीणा, यूआईटी सचिव दाताराम आदि उपस्थित थे।

लोहागढ़ फोर्ट के लिए बजट स्वीकृत

डीग-कुम्हेर में पर्यटन विकास के लिए आठ करोड़ रुपए, लोहागढ किले मे लाइट एण्ड साउण्ड शो के लिए 2.5 करोड़ रुपए तथा चामुन्डा माता स्थल के लिए 2 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने जारी किए हैं। जिला कलक्टर ने बताया कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, सुजानगंगा में फ्लोटिंग फाउन्टेन और वैर के सफेद महल के जीर्णोद्धार के लिए भी राज्य सरकार को पत्र लिखा जाएगा। खानवा फीडर के लिए तीन करोड़ रुपए तथा भरतपुर फीडर के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत हैं।

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