script 30 मिनट व्यायाम -स्वस्थ खानपान से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम | 30 minutes exercise - healthy eating reduces the risk of breast cancer | Patrika News

30 मिनट व्यायाम -स्वस्थ खानपान से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम

locationजयपुरPublished: Feb 07, 2024 03:44:32 pm

Submitted by:

Rakhi Hajela

पिछले काफी समय से स्तन कैंसर के मामलों में तेजी देखने को मिली है। भारत में स्तन कैंसर की शिकार महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

30 मिनट व्यायाम  -स्वस्थ खानपान से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम
30 मिनट व्यायाम -स्वस्थ खानपान से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम

पिछले काफी समय से स्तन कैंसर के मामलों में तेजी देखने को मिली है। भारत में स्तन कैंसर की शिकार महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। घर की जिम्मेदारियों के साथ ऑफिस के काम की वजह से महिलाओं को अपने लिए वक्त ही नहीं मिलता। जिससे वे अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पा रहीं और फिर बीमारियों के घेरे में आ जाती हैं। इसमें एक स्तन कैंसर भी है।जानते हैं कैंसर रोग विशेषज्ञों का इसे लेकर क्या कुछ कहना है।
फैमिली हिस्ट्री भी कारण
कैंसर एक्सपर्ट डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण फैमिली हिस्ट्री का होना है। अगर परिवार में पहले से कोई इसका शिकार है तो उसकी संतान को कैंसर होने के जोखिम ज्यादा हैं। उन्होंने आगे बताया कि लड़कियों को सही उम्र में शादी कर लेनी चाहिए और बच्चों को ज्यादा से ज्यादा ब्रेस्ट फ ीडिंग करानी चाहिए। इसके अलावा जंक फूड एवं फास्टफूड खाने से बचें ताकि मोटापा ना बड़े। गर्भनिरोधक गोलियां लेने से बचे।
समय पर जांच करवाना जरूरी
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल बताते हैं कि महिलाएं शारीरिक तौर पर एक्टिव रहकर स्तन कैंसर के खतरे को कम कर सकती हैं। इसलिए प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज करें। 40 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं को साल में एक बार मैमोग्राफ ी जरूर करवानी चाहिए। 25 से 35 साल से कम उम्र की महिलाओं को ब्रेस्ट का सेल्फ एग्जामिनेशन महावारी के 5 दिन बाद करना चाहिए। हाई कैलोरी डाइट लेने से बचें और नशे से दूरी बनाएं।

अभिनेत्री और निर्माता छवि मित्तल ने इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सक्रिय रूप से उपयोग किया। अपने आहार और फिटनेस रूटीन की जानकारी से लेकर स्वास्थ्य लाभ की यात्रा तक की जानकारियां देती रहती हैं। आज, वह इस बीमारी से जीत चुकी हैं और सोशल मीडिया का उपयोग करके महिलाओं को खुद की जांच करने के बारे में जागरूक और प्रोत्साहित करती हैं।
रितु बियानी अपने रूढि़वादी मारवाड़ी समुदाय से भारतीय सेना में शामिल होने वाली महिला थीं। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर को हराया और इससे जुड़ी वर्जनाओं पर भी जीत हासिल की। 2006 में रितु और उनकी 14 वर्षीय बेटी, तिस्ता ने 177 दिनों में भारत के चार छोरों और दुनिया की कुछ सबसे ऊंची मोटरेबल सडक़ों पर 30,220 किमी की दूरी तय की और 140 से अधिक ब्रेस्ट, सर्विक्स और ओरल कैंसर अवेयरनेस वर्कशॉप आयोजित की।

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