
रवींद्र मंच, राजस्थान उर्दू अकादमी और भारत सेवा संस्थान की ओर से आयोजित अखिल भारतीय मुशायरा व कवि सम्मेलन देर तक दर्शकों की बाट जोहता रहा। रवींद्र मंच की 60वीं वर्षगांठ पर आयोजित हीरक जयंती समारोह के पांचवें दिन भी आयोजकों की उदासीनता साफ जाहिर हुई। जिसके चलते समारोह का रंग देर से परवान चढ़ा। देश के आठ दिग्गज कवियों ने रवींद्र मंच परिसर में हास्य-व्यंग्य के बाण चलाकर माहौल को खूबसूरत किया। कवि सम्मेलन में प्रो.अशोक चक्रधर, आस करण अटल, संजय झाला, रमेश शर्मा, पॉपुलर मेरठी, हाशिम फिरोजाबादी, अशोक चारण और मुमताज नसीम ने राजनीति पर तंज व अनोखे अंदाज में व्यंग्य कसा।
एक घंटे की देरी से शुरू हुए कवि सम्मेलन की शुरुआत में मुमताज नसीम ने सरस्वती वंदना पेश की। जयपुर के कवि संजय झाला ने कवि सम्मेलन के संचालन की बागडोर संभाली। पद्मश्री प्रो.अशोक चक्रधर ने 'बीज के अंदर अंकुर ने अंगड़ाई ली, मदद करी माटी ने, एक ना पाई ली...,' रचना पेशकर सुधि श्रोताओं की तालियां बटोरीं। मुंबई के कवि आस अटल, चित्तौड़गढ़ के वरिष्ठ गीतकार रमेश शर्मा और केकड़ी राजस्थान के वीररस के कवि अशोक चारण ने देशभक्ति को लेकर अपनी कविताएं पढ़ी और पुलवामा हादसे के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
हास्य रस के शायर पॉपुलर मेरठी एवं फिरोजाबाद के गीत एवं ग़ज़ल गायक हाशिम फिरोजाबादी ने भी कई रचनाओं से श्रोताओं को आनंदित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के मंत्री बीडी कल्ला ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रवींद्र मंच प्रबंधक प्रियव्रत सिंह चारण ने सभी कविगण और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उर्दू अकादमी के चेयरमैन डॉ.हुसैन रजा भी मौजूद रहे।
Updated on:
20 Aug 2023, 2:00 PM IST
Published on:
20 Aug 2023, 1:59 PM IST
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