
‘माई री मैं का से कहूं’ में अभिनय से किया समाज की मानसिकता पर प्रहार
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में नाटक का मंचन
‘माई री मैं का से कहूं’ में अभिनय के माधयम से समाज की मानसिकता पर प्रहार किया| विजयदान देथा की लिखित कहानी ‘दुविधा’ पर आधारित इस नाटक के निर्देशक अजय कुमार थे।पति दिसावर चले जाने पर एक भूत उसका रूप धारण कर उसकी पत्नी के पास आता है। माता-पिता से कहता है कि महात्मा ने कहा है कि कल आपको 5 सोने की मोहर मिलेगी। सोने का लालच देकर उन्हें अपने पक्ष में ले लेता है। नाटक के दौरान एक्टर अमोल पालेकर भी मौजूद रहे।
अधिकारों के उपयोग के लिए स्वतंत्र नहीं
कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से कि स्त्री की इच्छा, भावना और सामाजिक मर्यादा के बीच की कथा को बताया। समाज में स्त्री आज भी अपनी मानसिक और शारीरिक अधिकारों के उपयोग के लिए स्वतंत्र नहीं है। जन्म से विवाह तक उसके सारे अधिकार मां-बाप के पास और विवाह के बाद पति के पास होते हैं।
Published on:
09 Jul 2023 05:05 pm
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