बिजली छीजत पर शिकंजा कसेगा विजिलेंस एप, ऑनलाइन दर्ज होगी सूचनाएं, इस तरह काम करेगा एप

बिजली छीजत को रोकने के लिए अब ऊर्जा विभाग तकनीक का सहारा ले रहा है। जयपुर डिस्कॉम से इस अभिनव प्रयोग की शुरुआत की गई है। ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने शुक्रवार को विद्युत भवन में विजलेंस एप‘ को लांच किया।

By: kamlesh

Published: 20 Nov 2020, 09:08 PM IST

जयपुर। बिजली छीजत को रोकने के लिए अब ऊर्जा विभाग तकनीक का सहारा ले रहा है। जयपुर डिस्कॉम से इस अभिनव प्रयोग की शुरुआत की गई है। ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने शुक्रवार को विद्युत भवन में विजलेंस एप‘ को लांच किया। डॉ. कल्ला ने कहा कि इस एप के माध्यम से विजिलेंस की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और छीजत को कम करने में भी मदद मिलेगी।

यह ‘एप‘ विजिलेंस से जुड़े अभियंताओं की जवाबदेही तय करेगा और सही-सही विजिलेंस होने से उपभोक्ताओं की शिकायतें भी दूर होगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस ‘एप‘ को विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुरूप तैयार कराया गया है।

इस प्रकार का ‘एप‘ शीघ्र की अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम्स में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिए डिस्कॉम की ओर से ‘सेल्फ बिलिंग एप‘ भी तैयार कराया जा रहा है, जिसे आगामी दिनों में लांच किया जाएगा।

इस तरह काम करेगा विजिलेंस एप
जयपुर डिस्कॉम के एमडी एके गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ता कभी-कभी ऐसी भी शिकायतें करते है कि जांच अधिकारी साइट पर न जाकर कार्यालय से ही वीसीआर भरते है। वीसीआर भरने के के बाद लोड कम और ज्यादा हो जाता है।

उपभोक्ताओं की ऐसी शिकायतों को ध्यान में रखकर जयपुर डिस्कॉम ने सतर्कता जांच के लिए सतर्कता जांच अधिकारी के प्रयोग के लिए यह ‘एप’ तैयार कराया है। इसके माध्यम से ही अब विजिलेंस से सम्बंधी सूचनाएं ऑनलाइन दर्ज होगी।

इस एप के जरिए जांच अधिकारी जिस परिसर की जांच करेंगें, वहां के ‘जिओ कॉर्डिनेट्स‘ स्वतः ही एप से कैप्चर कर लिए जाएंगे। मौके पर लिए गए फोटो और वीडियो भी इसमें स्वतः ही अपलोड हो जाएंगे। वीसीआर नंबर भी जांच स्थल पर स्वतः ही जनरेट होंगे। ऑनलाइन वीसीआर इन्द्राज होने के बाद जांच अधिकारी इसमें बदलाव नहीं कर सकेगा।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned