scriptCongress President Govind Singh Dotasara and BJP leader Rajendra Rathore clashed on social media. | डोटासरा और राजेंद्र राठौड़ आमने-सामने, एक ने कहा- गलतफहमी ना पाल, तो दूसरे ने सुझाया अहंकार ठीक नहीं | Patrika News

डोटासरा और राजेंद्र राठौड़ आमने-सामने, एक ने कहा- गलतफहमी ना पाल, तो दूसरे ने सुझाया अहंकार ठीक नहीं

locationजयपुरPublished: Feb 01, 2024 06:09:03 pm

Submitted by:

Anant awdichya

लोकसभा चुनाव से पूर्व राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच गुरुवार को तब सियासत गरमा गई, जब कांग्रेस और भाजपा के दो वरिष्ठ नेता सोशल मीडिया पर आमने-सामने हो गए, और एक दूसरे को सुझाव व निर्देश दे डाले।

rajasthan_congress_govind_singh_dotasara_and_rajendra_rathore.jpg

जयपुर। लोकसभा चुनाव से पूर्व राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच गुरुवार को तब सियासत गरमा गई, जब कांग्रेस और भाजपा के दो वरिष्ठ नेता सोशल मीडिया पर आमने-सामने हो गए, और एक दूसरे को सुझाव व निर्देश दे डाले। भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने गुरुवार(1 फरवरी) को सुबह 8 बजे एक ट्वीट किया और इशारों-इशारों में कांग्रेस नेता को अहंकारी व युवाओं के सपनों के सौदागर कह डाला। जिसके ठीक तीन घंटे के बाद राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष के ट्वीट अकाउंट से जवाब आया, जिसमें उन्होंने भाजपा नेता को गलतफहमी ना पालने के सुझाव के साथ आगामी परीक्षा( लोकसभा चुनाव 2024) के लिए शुभकामानांए मुफ्त में दी। दोनों नेताओं का सोशल मीडिया पर यह वार सुर्खियों में है।

भाजपा नेता ने ट्वीट में ये लिखा :

उन्होंने अपने ट्वीट में शायराना अंदाज में लिखा, “इतना भी गुमान ना कर अपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरी जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं।”

आगे उन्होंने लिखा है,’सीकर वाले नेताजी, इतना भी अहंकार ठीक नहीं है। हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू है। अभी एक परीक्षा और बाकी है। युवा आज भी पूछ रहे हैं - एक ही परिवार से 4-4 आरएएस बनना संयोग था या प्रयोग ? युवाओं के सपनों के सौदागरों को माफ नहीं किया जाएगा। जवाब तो देना ही पड़ेगा।’

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष ने जवाब में ये लिखा :

भाजपा नेता के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसके जवाब में लिखते हुए गलतफहमी ना पालने का निर्देश दे डाला। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, गलतफहमी ना पाल, ये जनता का पर्चा है। तेरे सिर्फ़ टोल, बजरी, भूमाफिया होने की चर्चा है। काश.. अवैध अड्डों से इतर तारानगर वाले नेताजी की जनता में भी चर्चा रहती, तो जवाब सदन में मिलता। और हां.. अहंकार नहीं, स्वाभिमान है! हमारे यहां बच्चों को मेहनत करने और पढ़ने की शिक्षा दी जाती है, टोल, बजरी और शराब के धंधे की नहीं। अगली परीक्षा के लिए शुभकामनाएं।

यह भी पढ़ें

Rajasthan Politics : फिर शुरू हुआ 'डोटासरा V/S राठौड़' का मुकाबला, जानें क्यों गरमा रहा सियासी पारा?

मौजूदा सरकार भ्रमित कर रही है: सचिन पायलट

उल्लेखनीय है कि, आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व प्रदेश के दोनों दलों के बीच जुबानी हमले शुरू हो गए हैं। आज गुरुवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होने से पूर्व कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत की और मौजूदा राजस्थान सरकार पर ERCP प्रोजेक्ट को लेकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ERCP पर जो चर्चा हुई वो अधूरी रही। क्योंकि जो MOU साइन किया है, उसको सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए। मैं इसको सही नहीं मानता। जो इतने सालों से मामला लंबित था, उसको सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले किसी तरह समाप्त कर जनता में जो भ्रम फैलाने का काम किया है, उससे लोगों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे। साथ ही उन्होंने राम मंदिर के सवाल पर कहा कि 'भगवान राम' किसी राजनीतिक दल के नहीं हैं। भाजपा की इस पर राजनीति किसी से छूपी नहीं है, इसका फैसला देश की जनता करेगी।

ट्रेंडिंग वीडियो