भगवान के सामने बेखौफ मिलावटखोर, मंदिर में चढ़ने वाला प्रसाद भी अब मिलावटी

भगवान के सामने बेखौफ मिलावटखोर, मंदिर में चढ़ने वाला प्रसाद भी अब मिलावटी

neha soni | Publish: Mar, 02 2019 04:39:26 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

रोजाना 30 हजार किलो प्रसाद का उपयोग, जांच के नाम पर कुछ नहीं

जयपुर।
शहर में बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री में मिलावट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चिकित्सा विभाग की टीमें रोजाना रेस्त्रां-भोजनालयों, होटलों, कारखानों और फर्मों पर कार्रवाई कर मिलावट का खुलासा कर रही हैं। लेकिन धार्मिक स्थलों पर चढ़ाने के लिए प्रसाद के रूप में रोजाना काम में ली जा रहीं हजारों किलो मिठाइयां मानकों के अनुरूप हैं या नहीं, इसकी जांच पर विभाग का ध्यान नहीं है। शहर में लगभग 100 छोटे-बड़े धार्मिक स्थल ऐसे हैं, जहां प्रसाद के तौर पर रोजाना औसतन 100 से 500 किलो तक प्रसाद चढ़ाया जा रहा है। इनके अलावा लगभग 500 मंदिर ऐसे हैं, जहां रोजाना 1 से 25 किलो तक प्रसाद चढ़ाया जाता है। जानकारों की मानें तो मोटे तौर पर शहर में रोजाना 30 हजार से 50 हजार किलो मिठाइयां प्रसाद के तौर पर चढ़ाई जाती हैं।

दिए थे निर्देश, फिर रोक दी थी कार्यवाही : जानकारी के मुताबिक डेढ़ साल पहले केन्द्र सरकार ने देशभर में बड़े धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए जाने वाले प्रसाद व चढ़ावे की भी सैंपलिंग कराने का अभियान चलाने का निर्णय किया था। इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए गए थे लेकिन बाद में कार्यवाही रोक दी गई थी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार सैंपलिंग के लिए जरूरी है कि वहां खाद्य पदार्थों की बिक्री हो रही हो। जबकि जयपुर में कई बड़े धार्मिक स्थलों पर संबंधित ट्रस्ट ही प्रसाद की सामग्री बनाते रहे हैं। हालांकि इसके धार्मिक स्थलों के आसपास भी भारी मात्रा में प्रसाद की सामग्री बिकती है जिसके नमूने नहीं लिए जाते।

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