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चिकित्सा को कमर्शियल प्रोफेशन नहीं सेवा मानकर अपना कर्तव्य निभाएं चिकित्सक-मांडविया

locationजयपुरPublished: Feb 03, 2024 06:33:11 pm

Submitted by:

Umesh Sharma

केन्द्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सभी चिकित्सकों को अपने सामर्थ्य तथा कर्तव्यपरायणता के साथ काम कर वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। मांडविया शनिवार को जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।

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केन्द्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सभी चिकित्सकों को अपने सामर्थ्य तथा कर्तव्यपरायणता के साथ काम कर वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। मांडविया शनिवार को जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।

उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले चिकित्सकों को बधाई दी और कहा कि हमारे देश में चिकित्सा को कमर्शियल प्रोफेशन ना मानकर सेवा का दर्जा दिया जाता हैं, ऐसे में सभी चिकित्सक मरीज की सेवा को सर्वाच्च मानकर अपना कर्तव्य निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि अगर 140 करोड़ भारतीय एक संकल्प के साथ कार्य करेंगे तो देश बहुत आगे बढ़ जाएगा। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। जोधपुर एम्स में 100 करोड़ रुपए के सामाजिक उत्तरदायित्व अंशदाऩ की सहमति दी गई है जो हम सभी के लिए हर्ष का विषय है। इस दौरान एमबीबीएस एवं बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां प्रदान की गई। मांडविया, सीएम और जलशक्ति मंत्री ने 241 करोड़ से अधिक के कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, एसीसएस चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग शुभ्रा सिंह, एम्स जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक एम्स जोधपुर मधाबनंदा कर सहित अधिकारी, चिकित्सकगण तथा छात्र- छात्राएं मौजूद थे।

स्वास्थ्य सूचकांक में राजस्थान है देश में अग्रणी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में राज्य को देश में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सरकार द्वारा संकल्प पत्र में शामिल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े सभी बिन्दुओं को 100 प्रतिशत अमल में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन से जुडे़ कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत केन्द्र सरकार ने 120 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की है। सीएम ने कहा कि बीते एक दशक के दौरान यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत चिकित्सा क्षेत्र के मानकों में बेहतर स्थिति में आ गया है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 381 से बढ़कर 706 हो गई है तथा एमबीबीएस सीटों की संख्या 54 हजार 348 से बढ़कर एक लाख 9 हजार से ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के अथक प्रयासों से वर्तमान में देश में 834 लोगों की आबादी पर एक डॉक्टर उपलब्ध है जिससे देश को पहले से कहीं ज्यादा चिकित्सक प्रतिवर्ष मिल रहे है।

अंगदान की ऑनलाइन रजिस्ट्री में प्रदेश पहले स्थान पर

सीएम शर्मा ने राज्य में चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में अंगदान की ऑनलाइन रजिस्ट्री में राजस्थान पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में 63 लाख लोगों के आयुष्मान भारत कार्ड की ईकेवाईसी हुई है तथा 9 हजार 947 स्वास्थ्य केन्द्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। ये आरोग्य मंदिर बेहतर उपचार के साथ-साथ प्रिवेंटिव एवं प्रमोटिव हैल्थ सर्विस भी उपलब्ध करवाएंगे।

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