scriptEducation Minister took action in government teachers case | सरकारी टीचर दंपति का गंदा खेल : स्वयं कभी स्कूल नहीं गए, भाड़े पर भेजे टीचर्स, बच्चे असली टीचर्स को जानते तक नहीं, अब शिक्षा मंत्री ने उठाया ये कदम.. | Patrika News

सरकारी टीचर दंपति का गंदा खेल : स्वयं कभी स्कूल नहीं गए, भाड़े पर भेजे टीचर्स, बच्चे असली टीचर्स को जानते तक नहीं, अब शिक्षा मंत्री ने उठाया ये कदम..

locationजयपुरPublished: Feb 12, 2024 11:29:21 am

Submitted by:

Manish Chaturvedi

शिक्षा विभाग में बड़ा गड़बड़झाला सामने आ रहा है।

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जयपुर। शिक्षा विभाग में बड़ा गड़बड़झाला सामने आ रहा है। सैकंड ग्रेड सरकारी शिक्षक दंपति ने कारनामा किया है। पिछले करीब बीस साल से दंपति शिक्षक सरकारी स्कूल नहीं गए। दोनों ने भाड़े पर टीचर रखा। गजब तो तब हो गया जब भाड़े के टीचर ने भी दो टीचर और रख लिए। ऐसे में बच्चों ने हमेशा भाड़े के टीचरों को ही देखा। असली सरकारी शिक्षक दपंति का तो बच्चों ने कभी चेहरा ही नहीं देखा। मामला बारां जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजपुरा का है।

अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मामले में सख्ती दिखाई है। शिक्षा मंत्री ने आरोपी सरकारी शिक्षक दंपति के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी पीयूष को आदेश दिए है। जिसमें कहा गया है कि पूरे प्रकरण में हुई सरकारी खजाने की हानी और बच्चो की शिक्षा के हुए नुकसान का आंकलन कर ब्याज सहित पूरी वसूली की जाए।

वहीं बारां सदर पुलिस भी आरोपियों की तलाश कर रही है। बारां कोतवाली एसएसओ रामबिलास मीणा ने बताया कि जब वह बारां सदर में पोस्टिंग थे। उस समय उन्हे एक गोपनीय परिवाद मिला था। जिसमें उन्हें शिकायत मिली थी कि सरकारी विद्यालय के शिक्षक दंपति विष्णु गर्ग और उसकी पत्नी मंजू गर्ग स्कूल में आते ही नहीं है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मामले को सहीं पाया।

मौके पर मिले भाड़े के टीचर..

पुलिस जब स्कूल में पहुंची तो मौके पर पुलिस को असली शिक्षक नहीं मिले। पुलिस को मौके पर विष्णु भारद्वाज मिला। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दंपति दो प्राइवेट टीचर भाड़े पर रखते है। वह स्वयं कभी स्कूल नहीं आते है। दो टीचरों को भाड़े पर सात—सात हजार रुपए महीने के हिसाब से पेमेंट करते है। पुलिस ने विष्णु भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया।

मामला यही खत्म नहीं हुआ। पुलिस को मौके पर स्कूल में दो महिलाएं भी मिली। जो सरकारी शिक्षक नहीं थी और बच्चों को पढ़ा रही थी। पुलिस ने पूछा तो सामने आया कि उन्हें विष्णु भारद्वाज ने चार—चार हजार रुपए महीने के हिसाब से स्कूल में पढ़ाने के लिए रखा है। ऐसे में पुलिस के सामने एक के बाद एक कई कड़िया सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जब आरोपी दंपति की तलाश की तो सामने आया कि आरोपी दंपति फरार हो गए है। पुलिस की ओर से आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है।

बता दें कि आरोपी सरकारी शिक्षक विष्णु गर्ग करीब दो महीने बाद रिटायर होने वाला है। उसकी पेंशन भी बन चुकी थी। लेकिन अब शिक्षा मंत्री दिलावर ने सब रूकवा दिया है। अब मंत्री ने आदेश दिए है कि बगैर स्कूल आए आरोपियों ने जो वेतन उठाया है। उसकी वसूली की जाएं। इसके साथ ही शिक्षा के हुए नुकसान का आंकलन कर उसकी सपंति से वसूली की जाएं।

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