राजस्थान: फर्जी दस्तावेज़ लगाकर चुनाव लड़ रही थी BJP की महिला प्रत्याशी, दर्ज हुई FIR

- नगर निगम चुनाव 2020, कोटा में भाजपा महिला प्रत्याशी का फर्जीवाड़ा! फर्जी दस्तावेजों से लड़ रही थी रिज़र्व सीट पर चुनाव, तहसीलदार की जांच में जाति प्रमाण पत्र पाए गए फर्जी, मामला गर्माया तो प्रत्याशी पर दर्ज किया गया मुकदमा, चुनाव लड़ने को लेकर संशय बरकरार, पुलिस कर रही फर्जीवाड़े की जांच

 

By: nakul

Published: 26 Oct 2020, 10:24 AM IST

जयपुर।

वार्ड पार्षद बनने की लालसा कुछ लोगों में इस कदर हावी है कि वे फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर ही चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं। इसकी एक बानगी कोटा में दिखाई दी है जहां भाजपा की एक महिला प्रत्याशी की फर्जी प्रमाण पत्र के ज़रिये नगर निगम चुनाव लड़ने की कारगुजारी सामने आई है। नौबत अब ये आ गई है कि निर्वाचन अधिकारियों ने इस भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ पुलिस में 420 का मुकदमा दर्ज कर दिया है।

ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा
मामला कोटा दक्षिण के वार्ड 25 की भाजपा प्रत्याशी अपर्णा सैनी का है, जिसने झूठे शपथ पत्र पेश कर ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया और रिजर्व वार्ड 25 से नामांकन भर दिया। जैसे ही मामले की जानकारी विपक्षी प्रत्याशी को मिली तो उसने प्रशासन से शिकायत की और आनन-फानन में एसडीएम से लेकर तहसीलदार से इसकी जांच करवाई।

तहसीलदार की जांच में प्रमाण पत्र त्रुटिवश जारी होना पाया गया, जिसका नोटिस प्रत्याशी के घर पर 19 तारीख को ही चस्पा कर दिया गया था साथ ही इसकी सूचना रिटर्निंग ऑफिसर को भी दी दी गई थी। अब जब मामला राज्य निर्वाचन आयोग की संज्ञान में आया तब जिला कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने नयापुरा थाने में प्रत्याशी अपर्णा सैनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।

मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस इस फर्जीवाड़े मामले की जांच करेगी। प्रत्याशी के दस्तावेजों की जांच में फर्जी होने की पुष्टि होने पर उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

प्रशासनिक चूक भी आई सामने!
इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। दरअसल, तहसीलदार की जांच में प्रमाण पत्र त्रुटिवश जारी होना पाया गया था, जिसका नोटिस प्रत्याशी के घर पर 19 तारीख को ही चस्पा कर दिया गया था। साथ ही इसकी सूचना पत्र द्वारा रिटर्निंग ऑफिसर को भी दी गई थी, लेकिन प्रशासन के गैर जिम्मेदार रवैये की वजह से 20 अक्टूबर को नामांकन की स्क्रूटनी होने के बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने नामांकन खारिज करने के बजाय स्वीकार कर लिया।

फिलहाल खारिज नहीं होगा नामांकन !
भाजपा प्रत्याशी को फिलहाल के लिए राहत इस बात की है कि उसका नामांकन फिलहाल निर्वाचन अधिकारियों ने खारिज नहीं किया है। दरअसल, नियमों के तहत नामांकन प्रमाण पत्र की कानूनी वैधता जांचना रिटर्निंग अधिकारी के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया गया है। रिटर्निंग अधिकारी सिर्फ प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया हुआ है या नहीं, यही जांच सकते हैं। इसकी कानूनी वैधता जांचने का अधिकारी कोर्ट का होता है। इसलिए इस नामांकन को फिलहाल निरस्त नहीं माना गया है। कोटा कलेक्टर उज्जवल राठौड़ ने ने भी वार्ड 25 में कोई नामांकन निरस्त नहीं होने की पुष्टि की है।

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