
विकास जैन / जयपुर। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने एसएमएस अस्पताल सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में स्थित डायग्नोस्टिक लैब को मरीजों की सुविधा के लिए एक ही स्थान पर शिफ्ट करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में ट्रोली एवं व्हील चेयर की व्यवस्था को माकूल बढने हेतु इन्हे आउटसोर्ट किया जाना सुनिश्चित करें।
बुधवार को विभाग की बैठक में उन्होंने बताया कि इन चिकित्सा शिविरों में कोविड के कारण गत समय से प्रभावित अन्य सभी बीमारियों से पीड़ित रोगियों के उपचार की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इन शिविरों में विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग व जांच की सुविधाएं, सभी प्रकार का टीकाकरण किया जाएगा एवं आवश्यकता पड़ने पर गंभीर रोगियों को आवश्यक उपचार के लिए एम्बूलेंस के जरिए प्रमुख अस्पतालों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जाएगी।
चिकित्सा मंत्री ने ब्रिज कोर्स कर चुके 350 कम्यूनिटी हैल्थ ऑफिसर्स को तत्काल नियोजित करने व चयनित सीएचओ का प्रशिक्षण 7 सितंबर से प्रारंभ करने और 3500 अतिरिक्त सीएचओ की भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों व चिकित्सकों की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था के लिए केन्द्रीयकृत तरीके से एजेंसियों को अधिग्रहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिनों के अनुसार अलग-अलग रंगों की बैड शीट का उपयोग किया जाए।
शर्मा ने प्रदेश के राजकीय चिकित्सा संस्थानों के बेहतर प्रबंधन के लिए अस्पताल प्रबंधन कैडर बनाने के निर्देश दिए। इसमें अस्पताल प्रबंधन डिग्रीधारकों व सेना से जुड़े व्यक्तियों को शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने नए मेडिकल कॉलेजों व उनसे जुड़े चिकित्सा संस्थानों का ऑडिट कंसल्टेंट आर्किटेक्ट से करवाने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज व उनसे संबंधित चिकित्सालयों में सेंट्रल फूड कोर्ट बनाने तथा इंदिरा रसोई की भी सुविधा उपलब्ध करवाने सहित राजकीय चिकित्सा संस्थानों में ऐलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की सुविधा भी एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
Published on:
01 Sept 2021 10:11 pm
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