मजदूर वापस लौटे तो, कारखानों में काम कैसे होगा

नई दिल्ली। लॉकडाउन ( lockdown ) से ठप औद्योगिक गतिविधियों ( industrial activities ) के बीच प्रवासी मजदूरों ( migrant laborers ) के घर लौट जाने की केंद्र सरकार ( central government' ) की प्रस्तावित छूट से उद्योग जगत ( industry ) के चेहरे पर उदासी छाई हुई है। इनका कहना है कि प्रवासी मजदूरों के भरोसे ही औद्योगिक गतिविधियां ( Small entrepreneurs ) चलती हैं। यदि वे ही वापस लौट जाएंगे तो फिर कारखानों में काम कैसे होगा। हालांकि सरकार के इस फैसले से बड़े उद्योगों के चेहर पर उतनी चिंता नहीं है, जितनी चिं

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 01 May 2020, 11:56 PM IST

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बिना मजदूरों के उद्योगपति अपनी फैक्ट्री खोलकर क्या करेंगे। जब पर्याप्त संख्या में काम करने वाले नहीं होंगे तो उनका फैक्ट्री खोलना या ना खोलना सब बराबर है। इसलिए सीआईआई की तरफ से सरकार से इस बारे में एक रिप्रजंटेशन पहले ही दे दिया गया है कि आगामी 4 मई से चरणबद्ध तरीके से काम करने की छूट मिले। अभी जबकि सभी अपने कारखाने को खोलने की तैयारी कर रहे हैं तो सरकार मजदूरों को गांव वापस लौटने की छूट दे रही है। ऐसे में इंडस्ट्री कैसे चलेगी। मजदूरों को तो वापस लाना होगा।
लघु उद्यमियों के संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डी. के. अग्रवाल का कहना है कि ऐसे समय में सरकार अपील जारी करे कि जो मजदूर इस समय जहां है, वहीं रहें। अगले सप्ताह की ही तो बात है, चरणबद्ध तरीके से अर्थव्यवस्था के हर हिस्से को खोला जाएगा। इसलिए काम मिलने में देरी नहीं होगी। उनका कहना है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह या एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी लोगों से अपील करते हैं तो उसका असर पड़ता है। पीएचडी चैंबर का कहना है कि लॉकडाउन शुरू होते ही बदहवासी में दिल्ली-एनसीआर से ही लाखों मजदूर अपने गांव चले गए हैं। इसी तरह देश के अन्य औद्योगिक इलाकों से भी मजदूरों का पलायन हुआ है। इसलिए सरकार गांव लौट गए मजदूरों से भी अपील करे कि वह जितना जल्द हो सकेए वापस काम पर लौट जाएं। उनकी वापसी के लिए सरकार कुछ विशेष व्यवस्था भी करे। उद्योग संगठनों का कहना है कि यूं तो कारखानों में काम करने वाले सभी स्थायी कर्मचारियों को बीमा समेत सभी सुविधाएं मिलती हैं लेकिन कोविड-19 रोग के फैलाव को देखते हुए सभी तरह के कर्मचारियों के लिए अलग से बीमा का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा फैक्ट्री में मास्क, ग्लव्स आदि की भी पूरी व्यवस्था होगी।

Narendra Kumar Solanki Desk
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