आईएएस ने प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति, योग और आहार से दी कोरोना को मात, सीएम को बताए अनुभव, देखें वीडियो

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति, योग और आहार से कोरोना को हराया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका की जुबानी, आयुष विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री को बताए अपने अनुभव

By: pushpendra shekhawat

Published: 13 May 2021, 08:54 PM IST

समीर शर्मा / जयपुर। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका ने डॉक्टर की बताई दवाओं के साथ प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति, योग और आहार के जरिए कोरोना पर विजय पाई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई आयुष विभाग की बैठक में उन्होंने अपने अनुभव बताए।

रांका पिछले महीने कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। एक दिन पूर्व हुई बैठक में उन्होंने कहा कि मुझे प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग पर काफी विश्वास रहा है। मैने पहले केवल आरटीपीसीआर टैस्ट करवाया था। पॉजिटिव आने के बाद मैंने खुद को ठीक करने के लिए पिछले कुछ सालों में जो सीखा, उसका इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि कोरोना से मुख्य समस्या नाक, गले और लंग्स में होती है। ये वायरस नाक और गले से प्रवेश कर लंग्स में पहुंचता है। और फिर ये कठिनाई पैदा करता है। कुलदीप रांका ने मुख्यमंत्री को ये अनुभव बताए...

कुंजल क्रिया: खाली पेट सुबह एक बार
रांका ने कहा कि प्रकृतिक क्रिया है कुंजल। उसे लगातार 14 दिन किया और अब भी कर करा हूं। इसमें भूखे पेट सुबह नींबू और नमक मिलाकर निवाए पानी को 6-7 ग्लास पिया जाता है। फिर इसे उल्टी करके बाहर निकालते हैं। इससे भीतर का कफ बाहर निकल जाता है। नाक और गला साफ हो जाता है।

जल नेति क्रिया: दिन में चार बार
रांका ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत नमक युक्त निवाए पानी को नाक के एक छेद से अंदर लेकर दूसरे छेद से बाहर निकलाते हैं। दिन में मैं इसे चार बार करता था।

प्राणायाम: रोजना जरूरी
उन्होंने कहा कि जन नेति क्रिया के तुरंत बाद प्राणायाम करना आवश्यक होता है। अलग-अलग तरह के प्राणायाम करने से किसी भी प्रकार का वायरस चाहे नाक में हो, गले में हो या लंग्स में हो उसे बाहर निकाला जा सकता है। वे सभी वायरस निकल जाते हैं, जिनके कारण कफ हुआ हो। साथ ही, नाक में निवाया घी डालने से कफ समाप्त हो जाता है। इसे लगातार हर प्राणायाम के बाद डालना चाहिए। इससे कफ तेजी से समाप्त होता है। श्वास नली साफ हो जाती है। सांस में कोई समस्या नहीं आती है।

आहार चिकित्सा: कैर का सेवन
रांका ने मुख्यमंत्री को बताया कि आहार बहुत महत्वपूर्ण है। ये जरूरी है कि घर के आहार में ऐसा क्या शामिल करें कि बुखार टूट जाए। इसमें राजस्थान की वनस्पति कैर का सेवन किया। कैर को उबाल कर, उसमें थोड़ा नींबू और स्वाद के लिए थोड़ी मिर्च-नमक डाल देते हैं। इसे दिन में तीन से चार बार लेते हैं, तो उससे बुखार टूटने में बहुत मदद मिलती है।

हर भोजन के बाद नींबू-काली मिर्च

रांका ने बताया कि हर भोजन के बाद नींबू को काटकर काली मिर्च डाल कर हल्का गर्म कर उसके रस का सेवन करने से गला साफ हो जाता है। कफ को समाप्त करता है। फिटकरी का फुले के इस्तेमाल से दो-तीन दिन में गला साफ हो जाता है। सांस लेने की समस्या भी दूर हो जाती है।

pushpendra shekhawat Desk
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