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सर्दी का सितम..अस्पतालों में बढ़े खांसी—जुकाम के मरीज, लगी कतारें

locationजयपुरPublished: Jan 20, 2024 10:49:02 am

Submitted by:

Manish Chaturvedi

अस्पताल में मरीजों की कतारें देखने का मिल रही है।

SMS Hospital
SMS Hospital

जयपुर। प्रदेश में कोरोना के मामले अब घटने लगे है। प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया। वहीं अब प्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या 50 से घटकर 20 पर आ गई है। फिर भी ठंड की वजह से सर्दी, जुकाम, गले में खराश व बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चे सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। एसएमएस अस्पताल में मरीजों की कतारें देखने का मिल रही है। इसके अलावा जयपुरिया, कांवटिया, सेटेलाइट व अन्य अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

पिछले दिनों प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े थे। जिसके बाद डॉक्टरों ने कहा था कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। लोगों को सर्तकता बरतने की जरूरत है। ताकी कोरोना से स्वयं को और अपने परिवार का बचाव किया जा सके। लेकिन अब कोरोना के मामलों में गिरावट तो आई है। लेकिन लोगों को सर्दी की वजह से खांसी, जुकाम का सामना करना पड़ रहा है।

जेके लोन अस्पताल में बच्चों में सबसे ज्यादा खांसी व जुकाम के मामले सामने आ रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मौसम का असर है। यह वायरल डिजीज है। बुखार, वायरल और ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोगियों को बुखार के साथ गले में दर्द की शिकायत हो रही है। इससे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

सीएमएचओ प्रथम डॉ विजय सिंह फौजदार ने बताया कि सर्दी में लोग एहतियात बरतें। बुखार के लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सक से जांच करवाएं। थोड़ी सी लापरवाही बीमार कर सकती है। बुखार के साथ-साथ लोगों को गले में खराश की शिकायत हो रही है। एसएमएस अस्प्ताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ प्रदीप शर्मा ने बताया कि अस्पताल में ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। उन्हें दवाइयां देकर सर्दी से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मौसम में लोगों को खानपान के साथ कपड़े पहनने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

ऐसे करें बचाव..

-बच्चों को पूरे बाजू के ऊनी कपड़े पहनाएं।
-बच्चों को ठंडी चीज खाने के लिए न दें। दूध भी गुनगुना करके दें।
-बुजुर्ग सुबह-शाम बाहर टहलने न निकलें।
-हल्की धूप के बाद हल्का ऊनी कपड़ा पहनकर निकलें।
-जब बाहर टहलने निकलें तो जहां तक संभव हो मास्क लगा लें।
-धूल और धुआं से बचकर रहें। इससे फेफड़ों में संक्रमण की संभावना कम होगी।
-हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सतर्क रहें।

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