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India Stone Mart: 2 हजार 981 करोड़ रुपए के व्यापारिक प्रस्ताव पर लगी मुहर

इंडिया स्टोन मार्ट-2024 का रविवार को समापन हो गया। अंतिम दिन उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इंडिया स्टोन मार्ट महाकुम्भ के समापन समारोह में पत्थरों की उपयोगिता दर्शाई और कहा कि हम रहें या न रहें लेकिन पत्थर हमेशा रहेंगे।
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जयपुर

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Umesh Sharma

Feb 04, 2024

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इंडिया स्टोन मार्ट-2024 का रविवार को समापन हो गया। अंतिम दिन उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इंडिया स्टोन मार्ट महाकुम्भ के समापन समारोह में पत्थरों की उपयोगिता दर्शाई और कहा कि हम रहें या न रहें लेकिन पत्थर हमेशा रहेंगे। राजस्थान की धरा से निकलने वाले पत्थर अद्वितीय हैं और विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने राज्य में निवेश एवं व्यापार को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से सभी संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

राठौड़ ने बताया कि इंडिया स्टोन मार्ट-2024 के 12वें संस्करण में कुल 948 व्यापारिक बैठकें हुई जिसमें 2 हजार 981 करोड़ रुपए के व्यापारिक प्रस्ताव पर चर्चा हुई और मुहर लगी, जिसमें 150 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों एवं 189 मशीनरी एवं टूल्स एग्जीबिटर्स ने भी भाग लिया। राठौड़ ने समापन समारोह में सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए। उन्होंने पत्थर उद्योगों के प्रति राजस्थान सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए सभी व्यापारियों एवं निवेशकों का राजस्थान की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने राजस्थान की खूबियों के हिसाब से व्यापार सुलभ करवाने की बात कही और साथ ही सभी संबंधित बाधाओं को दूर करके एकल विंडो क्लियरनेंस की व्यवस्था की प्रतिबद्धता दोहराई। समापन समारोह में रीको प्रबंध निदेशक सुधीर कुमार शर्मा, आयुक्त उद्योग हिमांशु गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर डवलपमेंट ऑफ स्टोन मुकुल रस्तोगी एवं अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।

भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक होगा पत्थर उद्योग

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने राजस्थान के खनिज पत्थर तथा इससे संबंधित उद्योगों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सभी प्रतिभागियों से वैश्विक स्तर पर कार्य करने का आग्रह किया, जिससे सरकार अपनी पहुंच बढ़ा सके एवं निवेश और व्यापार में समुचित मदद कर सके। इस दौरान कर्नल राठौड़ ने व्यापार, व्यवहार और विस्तार की परिकल्पना को साकार करते हुए भारत को 2029 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में पत्थर उद्योग के योगदान को सहायक बताया। साथ ही इस क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित किया और कहा कि राज्य के योगदान को विकसित भारत संकल्प में सिद्धरत करें।

ईज ऑफ डूइंग के लिए सरकार प्रतिबद्ध

प्रमुख शासन सचिव उद्योग एवं वाणिज्य अजिताभ शर्मा ने इस आयोजन को पत्थर उद्योग से सबंधित सबसे बड़े आयोजनों में से एक बताया। उन्होंने व्यापार में ईज ऑफ डूइंग को बढ़ावा देने के लिए सुगम और सुलभ वातावरण उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उपाध्यक्ष सीडॉस राकेश कुमार गुप्ता ने इस आयोजन में शामिल हितधारकों के सुझाव से एक.दूसरे की महत्ता को समझाया एवं पत्थर उद्योग को एक नए आयाम तक ले जाने के लिए रोड़मैप तैयार करने की बात कहीं।

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