शुद्धता का दावा! लापरवाही से न आम बचा व अफसर

Mohan Murari

Publish: Jul, 14 2018 12:54:36 PM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
शुद्धता का दावा! लापरवाही से न आम बचा व अफसर

साहबों को भी सप्लाई हो रहा बिना फिल्टर पानी

जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव के बंगले में भी बिना क्लोरीनेशन हो रही जलापूर्ति
दस दिन से फिल्टर प्लांट बंद पॉश कॉलोनियों में भी क्लोरीनेशन बगैर ही जलदाय विभाग कर रहा है जलापूर्ति
बारिश के मौसम में भी शुद्ध जलापूर्ति के इंतजामों की खुल रही पोल
गांधीनगर समेत आधा दर्जन पंप हाउसों में लगे वाटर फिल्टर प्लांट रखरखाव में
बरती जा रही लापरवाही से पडे हैं बंद


जयपुर। मानसून का सीजन शुरू हो चुका है और बारिश के दौरान शहर में जलजनित मौसमी बीमारियां फैलने का अंदेशा भी बढ़ने लगा है। वहीं दूसरी तरफ जलदाय विभाग शहर में शुद्ध जलापूर्ति के कागजी दावे कर रहा है। शहर की पॉश कॉलोनियो में विभाग बीते एक पखवाडे से क्लोरीनेशन किए बगैर ही जलापूर्ति कर रहा है। पंप हाउसों में विभाग ने इलेक्ट्रोक्लोरीनेटर प्लांट बीते चार साल पहले लगवाए और निजी फर्म को प्लांट संचालन का ठेका भी दिया। फर्म की लापरवाही के चलते कई प्लांट बीते कई दिनों से सही ढंग से क्लोरीनेशन नहीं कर रहे हैं।

बड़े साहब को भी मिल रहा क्लोरीनेशन किए बिना पानी
जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग के गांधीनगर स्थित अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर रीजन द्वितीय कार्यालय परिसर स्थित पंप हाउस में भी इलेक्ट्रोक्लोरीनेटर प्लांट लगा रखा है। इसी पंप हाउस से गांधीनगर स्थित सरकारी अफसरों के बंगलों और क्वार्टर्स में रोजाना जलापूर्ति होती है। सूत्रों की मानें तो बीते दस दिनों से पंप हाउस का क्लोरीनेटर प्लांट बंद पड़ा है और प्लांट संचालन कर रही फर्म प्लांट ठीक करने में आनकानी कर रही है। मालूम हो इसी पंप हाउस से गांधीनगर क्षेत्र में रह रहे आमजन के साथ जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक सेवा के आलाधिकारियों के सरकारी बंगलों में सरकारी जलापूर्ति इसी पंप हाउस से होती है।

गौरतलब है कि गांधीनगर स्थित सरकारी बंगले में विभाग के प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्र के सरकारी आवास में भी बिना क्लोरीनेशन किए पानी सप्लाई करना विभाग के अफसरों की लापरवाही उजागर कर रहा है।

दो बार फिल्टर फिर भी अफसर दे रहे बचकाने बयान
मामले में विभाग के अफसरों ने कहा कि बीसलपुर पानी सूरजपुरा और बालावाला प्लांट में फिल्टर होकर ही पंप हाउस तक पहुंचता है। ऐसे में पंप हाउस में क्लोरीनेशन की खास जरूरत नहीं है। ऐसे में जरूरी नहीं होने पर भी पंप हाउसों में लगाए इलेक्ट्रोक्लोरीनेटर प्लांट लगाए जाने पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।

इनका कहना है—

प्लांट यदि बंद है तो यह संचालन कर रही कंपनी की गंभीर लापरवाही है। जितने दिन प्लांट बंद रहा उतने दिन का भुगतान कंपनी को नहीं दिया जाएगा। हालांकि जल शुद्धिकरण को लेकर विशेष गंभीरता बरती जा रही है।

—दिनेश कुमार सैनी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर क्षेत्र द्वितीय

गांधीनगर पंप हाउस के प्लांट में तकनीकी खराबी आने से फिल्टराइजेशन बंद है। तीन चार दिन में प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। इस बारे में जलदाय अफसरों को बताया जा चुका है।

—सत्यनारायण, प्रभारी, निजी फर्म

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