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Rajasthan News : मुख्यमंत्री तक को नहीं लगी इस SHO के कारनामे की भनक, जानें क्या है पूरा मामला?

locationजयपुरPublished: Feb 05, 2024 03:19:50 pm

Submitted by:

Nakul Devarshi

मामला पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के राजधानी जयपुर के सदर थाने में औचक निरिक्षण से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने यहां अचानक पहुंचकर ना सिर्फ थाने का जायज़ा लिया, बल्कि तमाम तरह की जानकारियां जुटाईं। लेकिन किसी ने भी इसी थाने के एसएचओ के आपराधिक मामले से जुड़ी बात की भनक तक मुख्यमंत्री को नहीं लगने दी।

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ओमप्रकाश शर्मा/ जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल सदर थाने का निरीक्षण कर लौट गए, लेकिन वहां के थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह शेखावत के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की भनक किसी को नहीं लगी। अवैध यातायात संचालन और बजरी वाहनों से बंधी लेने के मामले में थानाधिकारी के खिलाफ एसीबी जांच चल रही है। पड़ताल के लिए एसीबी ने दिसंबर में अदालत में अर्जी पेश कर थानाधिकारी राजेंद्र सिंह की आवाज के नमूने भी मांगे हैं।

एसीबी की इस पड़ताल की खबर न सरकार को लगी न ही कमिश्नरेट के उच्चाधिकारियों को। दरअसल, वर्तमान सदर थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह शेखावत वर्ष 2021 में भट्टा बस्ती थाने में तैनात था। उस दौरान एक पिकअप चालक से थाने का हेड कांस्टेबल बंधी मांग रहा था।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हेड कांस्टेबल अब्दुल रऊफ को 15 हजार रुपए बंधी लेते पकड़ा था। एसीबी ने उस समय कहा था कि रऊफ एसएचओ राजेन्द्र सिंह के नाम से यह बंधी ले रहा था। कार्रवाई की भनक लगने पर थाने से एसएचओ भाग गया। बाद में उसके क्वार्टर से एक कट्टा, 11 कारतूस, 5 कटार और 1 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ था।

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लंबे समय तक रहा भूमिगत

क्लोजर रिपोर्ट पेश होते ही लम्बे समय से भूमिगत रहे राजेन्द्र सिंह ने कमिश्नरेट में ही सदर थानाधिकारी की पोस्ट पा ली। इस बीच भ्रष्टाचार मामलों की विशेष अदालत ने एसीबी की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि राजेन्द्र सिंह भट्टा बस्ती थानाधिकारी था, जिसका कर्तव्य था कि थाना क्षेत्र में अवैध यातायात गतिविधि व बजरी संचालन पर रोक लगाए।

बावजूद इसके हेड कांस्टेबल के माध्यम से अवैध वाहन संचालन के बदले बीस हजार रुपए की रिश्वत लेने का दबाव बनाया गया। कोर्ट ने इस मामले में एसीबी को आदेश में उल्लेखित तथ्यों को समायोजित करते हुए इन पर गहनता व सूक्ष्मता से विस्तृत अनुसंधान कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके बाद एसीबी ने अदालत में अर्जी पेश कर थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह की आवाज के नमूनों की जरूरत बताई है।

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थानाधिकारी के पक्ष में पेश की रिपोर्ट

हेड कांस्टेबल को ट्रैप करने के बाद एसीबी ने राजेन्द्र सिंह की तलाश शुरू की। वहीं, अवैध हथियार और मादक पदार्थ के मामले में भट्टा बस्ती थाने में ही मामला दर्ज किया गया। हालांकि कुछ समय बाद हालात बदल गए। पहले भट्टा बस्ती थाना पुलिस ने अवैध हथियार के मामले में एफआर लगाई। फिर एसीबी ने हेड कांस्टेबल रऊफ के खिलाफ चालान पेश करने के बाद राजेन्द्र सिंह के पक्ष में गुपचुप क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी।

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