संयुक्त अभिभावक संघ लेगा कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का सहारा


सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेशों की अवमान कर रहे निजी स्कूल
अभिभावकों को प्रताडि़त कर रहे निजी स्कूल
अंतरिम आदेश में 6 किश्तों के आदेश तो एक साथ पूरी फीस का दबाव क्यों ?

By: Rakhi Hajela

Published: 23 Feb 2021, 07:01 PM IST


संयुक्त अभिभावक संघ ने निजी स्कूल संचालकों पर मनमाने तरीके से फीस वसूली करने और अभिभावकों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का सहारा लेने की चेतावनी दी है। संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि संघ की ओर से चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में जो शिकायतें मिली हैं उसके मुताबिक निजी स्कूल संचालक सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में 2019-20 सेशन के अनुसार 100 फीसदी जमा करवाने का आदेश देकर 6 समान किश्तों में भुगतान करने को कहा है और अब निजी स्कूल संचालक अपने तरीके से फीस वसूली के हथकंडे अपना रहे हैं। फीस जमा ना करवाने की एवज में वह बच्चों की पढ़ाई भी रोक रहे हैं। वहीं प्रदेशाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि जब अभिभावक सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश को सर माथे लगा रहे हैं तो निजी स्कूल संचालक हठधर्मिता क्यो दर्शा रहे हैं। अगर निजी स्कूल संचालक अपनी हरकतों से बाज नही आए तो मजबूरन अभिभावकों को कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का सहारा लेना पड़ेगा।
संघ के प्रदेश विधि मामलात मंत्री एडवोकेट अमित छंगाणी ने कहा कि अभिभावकों को पहली किश्त के भुगतान के लिए पांच मार्च का समय दिया है। इसके बाद भी अभिभावकों पर एक साथ पूरी फीस का दबाव बनाना कानूनन गलत है। कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है सुप्रीम कोर्ट ने आदेश रिजर्व कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट 5 मार्च तक अपना आदेश सुना सकता है, तब तक स्कूलों को संयम बरतना चाहिए।

Rakhi Hajela Desk
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