
सत्ताधारी कांग्रेस सरकार के मौन व्रत का नाटक घडियाली आंसू बहाने जैसा-राठौड़
जयपुर।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना के विरोध में राजधानी जयपुर में कांग्रेस सरकार के मौन व्रत को घड़ियाली आंसू बहाने जैसा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा मांगने की बजाय राजस्थान के मुख्यमंत्री और गृह विभाग के मुखिया अशोक गहलोत को प्रदेश में लचर कानून व्यवस्था और लगातार बढ़ रहे अपराधों की जिम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि अपराधों की दृष्टि से देशभर में अव्वल राजस्थान में कांग्रेस सरकार पहले प्रदेश की कानून व्यवस्था को तो ठीक से संभाल लें फिर जाकर पड़ोसी राज्य के हालातों पर चिंता व्यक्त करें। बीकानेर में कांग्रेस नेता को सरेराह बेरहमी से पीटा गया और हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में दलित युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई जो राज्य की लचर कानून व्यवस्था को प्रदर्शित करती है।
लचर कानून व्यवस्था से पेपर माफिया पनपा
राठौड़ ने कहा कि लचर कानून व्यवस्था का फायदा अब पेपर माफिया भी उठा रहे हैं। हाल ही में आयोजित रीट भर्ती परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड बत्तीलाल मीणा के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं इसका खुलासा सरकार को जल्द से जल्द करना चाहिए। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए अगर रीट का पेपर आउट ही नहीं हुआ तो करीब 2 दर्जन सरकारी अधिकारियों/कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई?
Published on:
11 Oct 2021 07:41 pm
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