संसद में उठा राजस्थान में अवैध बजरी खनन का मुद्दा, स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग

- प्रदेश में अवैध बजरी खनन के बढ़ते मामले, सांसद दुष्यंत सिंह ने लोकसभा में उठाया मुद्दा, बारां में लगातार हो रहे अवैध खनन का दिया हवाला, गहलोत सरकार में कारोबार के फलने-फूलने का किया ज़िक्र, केंद्र सरकार से मामले की जांच करने, मृतकों को मुआवज़े की अपील

 

By: nakul

Updated: 15 Sep 2020, 12:04 PM IST

जयपुर।

संसद के मॉनसून सत्र में राजस्थान में अवैध बजरी खनन का मुद्दा भी उठा। लोकसभा में भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह ने प्रदेश के बारां क्षेत्र में अवैध खनन से जुदा मामला संज्ञान में लाते हुए इसकी जांच स्वतंत्र एजेंसी से करवाने की मांग की।

सांसद ने खनन व परिवहन के दौरान जान गंवा चुके मजदूरों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आग्रह भी किया।

बारां-झालावाड सीट से सांसद ने कहा कि राजस्थान में जब से कांग्रेस की सरकार आई है, बारां में विशेष रूप से अवैध बजरी खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। इतना ही नहीं अवैध खनन के इन काले कारनामों में करीब आठ मजदूरों की अब तक मौत हो चुकी है। इस तरह के मामले राज्य सरकार के खान मंत्री की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाते हैं।

ये था मामला
बारां में करीब तीन सप्ताह पहले अवैध बजरी खनन के दौरान बजरी के खदान के अचानक ढह जाने से करीब 7 लोग दब गए थे। बचाव कार्य के दौरान 4 मजदूरों की मौत हुई थी। घटना अटरू कस्बे के पास पार्वती नदी के नज़दीक हुई। सामने आया कि प्रशासन और पुलिस की पाबंदियों के बावजूद यहां पर अवैध तौर पर बजरी खनन का काम जोरों पर है और कई बार लोग हादसे का शिकार भी हो चुके हैं।


खान मंत्री का गृह जिला है बारां
चौंकाने वाली बात तो यह भी है कि बारां प्रदेश के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया का गृह जिला है। लेकिन इसके बावजूद यहाँ अवैध खनन से जुड़े हादसे लगातार हो रहे हैं। इन हादसों में लोगों की जान भी जा रही है।

nakul Desk
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