चिरंजीवी: बीमा के आवेदन के लिए जनाधार कार्ड जरूरी, यह कब मिलेगा पता ही नहीं

राज्य सरकार ने प्रदेश के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए चिरंजीवी योजना शुरू तो कर दी मगर लोग बीमा के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।

By: kamlesh

Published: 08 Apr 2021, 03:45 PM IST

जयपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए चिरंजीवी योजना शुरू तो कर दी मगर लोग बीमा के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। योजना में आवेदन के लिए जनाधार कार्ड जरूरी है लेकिन जयपुर जिले में जिन लोगों ने 3 से 6 महीने पहले आवेदन किया, उनके जनाधार कार्ड ही अब तक बनकर नहीं आए हैं। यही नहीं, लोग पंजीयन पर्ची लेकर बीमा कराने जा रहे हैं तो उन्हें जनाधार कार्ड का आवेदन अधूरा बताकर लौटाया जा रहा है।

जयपुर जिले में यह स्थिति
राज्य में बड़ी संख्या में लोगों के जनाधार कार्ड आवेदन महीनों से लम्बित हैं। अकेले जयपुर जिले में ही 7 लाख से अधिक आवेदन लम्बित हैं। जिले में अभी तक जनाधार कार्ड के लिए कुल 14,61,973 आवेदन किए गए लेकिन 6,98,258 कार्ड ही छपकर आए हैं। बाकी लोग कार्ड की बाट ही जोह रहे हैं।

बने पड़े हैं एक लाख कार्ड, जनता तक नहीं पहुंचे
स्थिति यह है कि जो कार्ड छप गए, वे भी जनता तक नहीं पहुंचे हैं। इन कार्ड का वितरण ही नहीं हो पा रहा है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से 6,98,258 कार्ड ही छपकर आए हैं। इनमें से भी 5,65,906 कार्ड ही बांटे जा सके हैं। करीब सवा लाख कार्ड आवेदकों को नहीं मिले हैं। जिला प्रशासन के अनुसार जयपुर शहर में परिसीमन के कारण वार्ड नंबर बदल गए। इस कारण कार्ड लोगों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

सात दिन में सात हजार नए आवेदन
जिले में जनाधार कार्ड के लिए पिछले 7 दिन में 7 हजार नए आवेदन आए हैं। वहीं 1700 से अधिक आवेदन परिवारों के आए हैं।

बड़ा सवाल
जब पुराने आवेदकों के कार्ड ही महीनों से नहीं बन पाए हैं तो नए आवेदकों के कार्ड बनकर कब आएंगे?

यह है जनाधार कार्ड
जनाधार कार्ड के तहत सामाजिक, आर्थिक सूचनाओं का डेटाबेस तैयार कर प्रत्येक परिवार को एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान के लिए दस अंकों का नंबर जारी किया जाता है। किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए जनाधार कार्ड होना जरूरी है। यह कार्ड भामाशाह कार्ड, राशन कार्ड की जगह लेगा।

लोग यों हो रहे परेशान
- केस-01: रामगढ़ मोड़ निवासी देवकी हरवानी ने पिछली 10 जनवरी को ई-मित्र के माध्यम से आवेदन किया मगर कार्ड अब तक नहीं आया।
- केस-02: रामगढ़ मोड निवासी सीमा वशिष्ठ ने पिछले साल 29 मई को आवेदन किया था। सीमा ई-मित्र के कई चक्कर लगा चुकी हैं लेकिन कार्ड नहीं आया है।

- केस-03: जयसिंहपुरा खोर निवासी निर्मला देवी ने पिछले साल 17 मई को आवेदन किया। तब से कार्ड के लिए कलक्ट्रेट के कई चक्कर लगा चुकी हैं।
- केस-04: जयसिंहपुरा खोर निवासी प्रीति सोनी ने भी पिछले साल 17 मई को आवेदन किया मगर कार्ड बनकर नहीं आया।

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