5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाकिस्तान का प्रोजेक्ट शेरनी: भारतीय पुरुषों को Honey Trap करने के लिए 300 विषकन्याओं की भर्ती

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने प्रोजेक्ट शेरनी शुरू किया है। इसके माध्यम से एजेंसी आइएसआइ ने अपने देश में ही बैठकर भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार में 300 महिला एजेंट (विषकन्याओं) की भर्ती की है। पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा उद्यमी के रूप में यह महिलाएं पुरुषों को फंसाती हैं और फिर उन्हें लेकर थाईलैंड तक चली जाती हैं।

2 min read
Google source verification
Honey trap

Honey trap

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने प्रोजेक्ट शेरनी शुरू किया है। इसके माध्यम से एजेंसी आइएसआइ ने अपने देश में ही बैठकर भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार में 300 महिला एजेंट (विषकन्याओं) की भर्ती की है। पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा उद्यमी के रूप में यह महिलाएं पुरुषों को फंसाती हैं और फिर उन्हें लेकर थाईलैंड तक चली जाती हैं।

भारत की अगर बात करें तो सबसे ज्यादा भारत में सबसे ज्यादा महिला एजेंट कश्मीर में बताई जा रही हैं। इसके बाद केरल का स्थान है। कश्मीर का रूट इस्लामाबाद से हैंडल किया जाता है तो केरल दुबई से कंट्रोल होता है। इन विषकन्याओं को पोर्क खाने से लेकर स्वीमिंग पुल में उतर कर पुरुषों को रिछाने तक की ट्रेनिंग डार्क के वेब के माध्यम से दी गई है।

इनको 180 दिन की डार्कवेब पर ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई है। इसके अलावा कुछ को बेहद उन्नत किस्म की ट्रेनिंग कुछ महिलाओं को नेपाल, थाईलैंड और बांग्लोदश में दी गई है। कश्मीर में महिलाओं की ट्रेनिंग ओजीडब्ल्यू के रूप में दी है। आइएसआइ की महिला एजेंट हनीट्रैप करने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं।

दिल्ली में आइएसआइ ने करवाई थी हत्या

खुफिया सूत्रों के अनुसार आइएसआइ ने महिला एजेंट को शेरनी नाम नया दिया है। खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2005 में आइएसआइ की एक महिला जासूसी ने ब्रिटिश सेना के ब्रिगेडियर एंड्रयू डरकेन को फंसा लिया था। वह रक्षा रिसर्चर के रूप में गई थी। दिल्ली के एक नामचीन होटल में आइएसआइ ने अपनी महिला जासूस की हत्या करवा दी थी। हत्या के लिए साजिश ऐसी रची की आज तक फुटेज नहीं मिले।

ऑपरेशन हैदराबाद

आइएसआइ ने 2019 में रावलपिंडी के विश्वविद्यालयों में विज्ञापन देकर लड़कियों को सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट के रूप में भर्ती किया था। यह भर्ती आइएसआइ की एक फ्रेंचाइजी ने की थी। ऐसी लड़कियों को प्राथमिकता दी गई, जिन्हें अंग्रेजी बोलने और बातचीत करने के साथ एक्सल शीट तैयार करना आता था। एक पूर्व अधिकारी ने बताया यह केवल कोड नेम है जबकि आइएसआइ ज्यादातर अपने कॉल सेंटर रावलपिंडी, लाहौर, हैदराबाद से संचालित करता है। एक लड़की को 50 प्रोफाइल दी जाती है। पाकिस्तानी महिला एजेंट के हाथ में कलावा और बिंदी जरूर देखने को मिलती है।

पाकिस्तान क्षेत्र -भारतीय क्षेत्र

लाहौर और रावलपिंडी-पंजाब और जम्मू

हैदराबाद-राजस्थान

कराची-गुजरात

मीरपुर-कश्मीर

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग