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मेटाबॉलिक डिसऑर्डर में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से बचें

मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की समस्या में भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का प्रयोग न करें।

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मेटाबॉलिक डिसऑर्डर में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से बचें

मेटाबॉलिक डिसऑर्डर में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से बचें

मसल्स बनाने के लिए युवाओं में प्रोटीन सप्लीमेंट्स का चलन ज्यादा देखा जा सकता है। लेकिन वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेने से इंसुलिन में बढ़ोतरी होती है जो आगे चलकर किडनी, पेट और हृदय रोगों की आशंका भी बढ़ा सकती है। मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की समस्या में भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का प्रयोग न करें। यदि बीमारी या दुर्घटना में कोशिकाओं की क्षति अधिक हो गई जैसे कैंसर, एड्स, आग- बिजली से जलना, ऑपरेशन एवं डायलिसिस आदि में प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेना चाहिए। प्रोटीन सप्लीमेंट की जगह नेचुरल प्रोटीन लें। इसके लिए डेयरी प्रोडक्ट्स, बींस और दालों का प्रयोग किया जा सकता है। इनसे प्रोटीन मिलने के साथ ही अन्य पौष्टिक तत्त्व भी मिलेंगे।

जानें प्रोटीन खुराक
18 से 65 वर्ष की आयु तक रोजाना एक ग्राम प्रति किलोग्राम भार के अनुसार प्रोटीन जरूरी है। 65 से अधिक उम्र के लोगों को 1.2 ग्राम प्रति किलो वजन के अनुसार लेना चाहिए।

- डॉ. मनोज शर्मा, एमडी (वैकल्पिक चिकित्सा), एमजी मेडिकल कॉलेज, जयपुर