30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मेटाबॉलिक डिसऑर्डर में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से बचें

मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की समस्या में भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का प्रयोग न करें।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Archana Kumawat

•

Updated: 12 Apr 2021, 4:41 PM IST

मेटाबॉलिक डिसऑर्डर में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से बचें

मेटाबॉलिक डिसऑर्डर में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से बचें

मसल्स बनाने के लिए युवाओं में प्रोटीन सप्लीमेंट्स का चलन ज्यादा देखा जा सकता है। लेकिन वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेने से इंसुलिन में बढ़ोतरी होती है जो आगे चलकर किडनी, पेट और हृदय रोगों की आशंका भी बढ़ा सकती है। मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की समस्या में भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का प्रयोग न करें। यदि बीमारी या दुर्घटना में कोशिकाओं की क्षति अधिक हो गई जैसे कैंसर, एड्स, आग- बिजली से जलना, ऑपरेशन एवं डायलिसिस आदि में प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेना चाहिए। प्रोटीन सप्लीमेंट की जगह नेचुरल प्रोटीन लें। इसके लिए डेयरी प्रोडक्ट्स, बींस और दालों का प्रयोग किया जा सकता है। इनसे प्रोटीन मिलने के साथ ही अन्य पौष्टिक तत्त्व भी मिलेंगे।

जानें प्रोटीन खुराक
18 से 65 वर्ष की आयु तक रोजाना एक ग्राम प्रति किलोग्राम भार के अनुसार प्रोटीन जरूरी है। 65 से अधिक उम्र के लोगों को 1.2 ग्राम प्रति किलो वजन के अनुसार लेना चाहिए।

- डॉ. मनोज शर्मा, एमडी (वैकल्पिक चिकित्सा), एमजी मेडिकल कॉलेज, जयपुर

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग