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Lok Sabha Election : तीसरे चरण में भिड़ेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज के दो वंशज, दिलचस्प होगा मुकाबला

Lok Sabha Elections 2024 : छत्रपति श्रीमंत शाहू महाराज कोल्हापुर से चुनाव लड़ रहे है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 06, 2024

Shahu Maharaj Udayanraje Bhosale

Chhatrapati Shahu Maharaj Udayanraje Bhosale : लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 7 मई को महाराष्ट्र की 11 सीटों पर मतदान होगा। राज्य में तीसरे चरण में भी कांटे का मुकाबला है। एनसीपी प्रमुख अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती लोकसभा क्षेत्र से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ रहीं है। बारामती की तरह ही राज्य की कोल्हापुर और सातारा सीट पर भी राज्यभर की निगाहें टिकी है। इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में छत्रपति शिवाजी महाराज के दो वंशज चुनावी मैदान में हैं।

इंडिया ब्लॉक-एमवीए के उम्मीदवार छत्रपति श्रीमंत शाहू महाराज कोल्हापुर से चुनाव लड़ रहे है। वह शिवाजी महाराज के दूसरे बेटे राजाराम के 12वें वंशज हैं। उन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया है। उनका मुकाबला शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के वर्तमान सांसद संजय एस. मांडलिक है। कांग्रेस लंबे समय से शाहू महाराज को कोल्हापुर से चुनाव लड़ाना चाहती थी। हालांकि कोल्हापुर सीट पर शिवसेना (उद्धव गुट) ने भी दावा ठोका था, लेकिन शाहू महाराज की उम्मीदवारी के चलते पीछे हट गई।

यह भी पढ़े-शरद पवार के होम ग्राउंड पर बेटी सुप्रिया को हराना आसान नहीं! समझें सियासी गणित

कोल्हापुर के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले 76 वर्षीय छत्रपति शाहू महाराज का महाराष्ट्र में बहुत सम्मान है। हालाँकि उनका कांग्रेस के साथ राजनीतिक संबंध पहले से रहा है, लेकिन 1998 में लोकसभा चुनाव में असफल होने के बाद से उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी से जुड़ाव से परहेज किया। मराठा समुदाय के बीच भी उनका कद काफी ऊँचा है।

गौरतलब हो कि महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल है। एमवीए का सीधा मुकाबला बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) के गठबंधन ‘महायुति’ से है।

उदयनराजे भोसले सतारा से ठोक रहे ताल

छत्रपति उदयनराजे भोसले सातारा लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार है। उनके सामने सातारा के सियासी रण में शरद पवार की एनसीपी के शशिकांत शिंदे है। उदयनराजे भोसले छत्रपति शिवाजी महाराज के ज्येष्ठ पुत्र छत्रपति संभाजीराजे के 13वें वंशज हैं।     

मराठा राजा छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयनराजे भोसले का सतारा में विपक्षी महाविकास अघाडी से एनसीपी (शरद पवार) के प्रत्याशी शशिकांत शिंदे के बीच कड़ा मुकाबला होगा। उदयनराजे भोसले के रूप में बीजेपी ने एक और राज्यसभा दिग्गज को लोकसभा के मैदान में उतारा है।

बीजेपी ने आज सात और उम्मीदवारों की अपनी बारहवीं सूची की घोषणा की, इसमें उदयनराजे का नाम भी शामिल है। सतारा में तीसरे चरण में मतदान होगा और उम्मीदवारी के लिए नामांकन दाखिल करने में अब कुछ ही दिन बचे है।

कैसा है सियासी सफर?

अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उदयनराजे भोसले ने सतारा से राजनीति की शुरुआत की। उनका सियासी सफर सतारा नगर पालिका के पार्षद से लेकर सांसद तक का रहा है। उन्होंने 1996 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा।

इसके बाद वह सतारा विधानसभा के उपचुनाव में उतरे और विजयी रहे। वह महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार के दौरान राजस्व राज्य मंत्री भी थे। उदयनराजे भोसले दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे के चलते बीजेपी में शामिल हुए थे।

2004 विधानसभा चुनाव में हार मिलने के बाद उदयनराजे भोसले कांग्रेस में शामिल हो गए। कुछ दिनों तक कांग्रेस में रहने के बाद उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले भूमाता गौरव यात्रा के जरिए क्षेत्र में अपने पक्ष में माहौल तैयार किया। इसके बाद शरद पवार ने उदयनराजे भोसले को एनसीपी से टिकट दिया। 2009 के लोकसभा चुनाव में उदयनराजे भोसले ने शिवसेना उम्मीदवार पुरूषोत्तम जाधव को शिकस्त दी।   

उदयनराजे ने 2009 के लोकसभा चुनाव की जीत को 2014 में भी बरकरार रखा। बाद के दौर में राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद शरद पवार खेमे के विधायकों के विरोध के बावजूद उदयनराजे भोसले को फिर उम्मीदवार बनाया गया। उदयनराजे ने मोदी लहर के बावजूद 2019 का लोकसभा चुनाव भी जीता।

हालांकि बदले राजनीतिक हालात के चलते उदयनराजे भोसले ने एनसीपी छोड़ दिया और बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें श्रीनिवास पाटिल से हार मिली। जिसके चलते बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा से सांसद बना दिया। लेकिन अब एक बार फिर वह लोकसभा चुनाव के रण में उतर गए हैं।