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Honey Trap Case – बड़े नेताओं, अफसरों के हनी ट्रैप केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, कमलनाथ ने भी देखी थी क्लिप

Bhopal Court decision in honey trap case

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Bhopal Court decision in honey trap case एमपी की राजनीति में तूफान मचाने वाले हनी ट्रैप के एक केस में कोर्ट का फैसला आ गया है। केस में भोपाल कोर्ट ने फैसला सुनाया है। प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप से जुड़े मानव तस्करी केस में यह फैसला आया है। भोपाल की कोर्ट ने हनीट्रैप से जुड़े मानव तस्करी के मामले में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान सन 2019 में यह केस सामने आया था। राज्य के कई बड़े नेता और अफसर इसमें फंसे थे।

इस केेस में पूर्व सीएम कमलनाथ को भी एसआईटी ने नोटिस भेजा था। कमलनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस में हनी ट्रैप केस की सीडी और पेन ड्राइव होने का दावा किया लेकिन जब ये दोनों चीज जब्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया तो वे पलट गए। कमलनाथ ने नया बयान दिया कि उन्होंने सिर्फ 29 सेकेंड की क्लिप देखी है।

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सोमवार को भोपाल कोर्ट ने हनी ट्रैप केस से जुड़े मानव तस्करी के मामले के तीन आरोपियों को बरी कर दिया। पीड़ित महिला ने कोर्ट में तीनों आरोपियों आरती दयाल, श्वेता जैन और अभिषेक सिंह ठाकुर को पहचानने से ही इनकार कर दिया था। इसके बाद आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया।

मामले में सीआईडी ने एफआईआर दर्ज की जिसमें कहा था कि विजय जैन, श्वेता स्वप्निल, आरती दयाल, अभिषेक ने फरियादी युवती का कई महत्वपूर्ण लोगों से यौन शोषण करवाया। लंबी बहस के बाद मानव तस्करी के आरोपियों को बरी करने के साथ यह केस समाप्त हो गया है। हनी ट्रैप केस की इंदौर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

कमलनाथ ने देखी क्लिप
पूर्व सीएम कमलनाथ ने 21 मई 2021 को प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि हनी ट्रैप केस की सीडी और पेन ड्राइव उनके पास है। कोर्ट में एक आरोपी ने मांग की कि कमलनाथ के पास पेन ड्राइव और सीडी कहां से आई, इसका खुलासा होना चाहिए। इसके बाद कमलनाथ को एसआईटी ने नोटिस जारी कर दिया। बाद में कमलनाथ का नया बयान सामने आया जिसमें बताया कि उन्होंने सिर्फ 29 सेकेंड की क्लिप देखी है।

अहम गवाह की पलटने से मिली राहत
मामले में फरियादी ने सभी आरोपियों के खिलाफ बयान देते हुए कहा था कि इन सभी ने मिलकर राजनेताओं से उसका यौन शोषण करवाया है। हालांकि वह कोर्ट में मुकर गई। अहम गवाह के पलट जाने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने सभी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया है।