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भाजपा ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, विधायक ने लगाए गंभीर आरोप

MP News: एसआइआर प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रतिनिधि मंडल निर्वाचन सदन पहुंचा और चुनाव आयोग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि इस चूक से करीब 20 लाख मतदाता अपने अधिकार से वंचित रह गए।

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भोपाल

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Akash Dewani

Jan 23, 2026

UP SIR

UP SIR

MP News: कांग्रेस के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की शुद्धता पर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन सदन पहुंचा और एसआईआर प्रक्रिया (SIR Process) में हुई कथित लापरवाहियों को लेकर आयोग को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया में गंभीर खामियों के चलते लगभग 20 लाख मतदाता मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित रह गए।

चुनाव आयोग ने की प्रशासनिक लापरवाही- भाजपा

भाजपा ने चुनाव आयोग (Election Commission) से स्पष्ट कहा कि यह केवल तकनीकी चूक नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, जिसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पार्टी ने मांग की कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से यह स्थिति बनी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के प्रदेश संयोजक भगवानदास सबनानी, सह-संयोजक रजनीश अग्रवाल और एस.एस. उप्पल शामिल रहे।

42.74 लाख वोटर्स को नहीं दिया सुनवाई का मौका

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि 23 दिसंबर को हुए प्रारूप प्रकाशन के दौरान जारी आंकड़ों के अनुसार 42.74 लाख मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर ही नहीं दिया गया। इनमें से मृतक और पहले से सम्मिलित मतदाताओं को अलग करने के बाद भी करीब 31.21 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित दर्शा दिया गया, जबकि वे वास्तव में उपलब्ध हैं।

पार्टी ने सुझाव दिया कि ऐसे मतदाताओं को विधिवत नोटिस जारी कर या एसएमएस के माध्यम से सूचना देकर सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए। साथ ही फॉर्म-7 की प्रक्रिया को लेकर ईआरओ से लेकर बीएलओ स्तर तक फैले भ्रम को दूर करने की भी मांग की गई। भाजपा ने कहा कि ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में शामिल 8.65 लाख मतदाता भी सुनवाई से वंचित रह रहे हैं, जो चुनावी पारदर्शिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। (MP News)