विधानसभा उपचुनाव से पहले निकायों के 'सेमीफाइनल' में दिखाना होगा दम

राज्य की चार विधानसभा सीटों पर उप चुनाव की भाजपा-कांग्रेस ने तैयारी तेज कर दी है। चुनावों का ऐलान फरवरी के अंतिम या मार्च के पहले सप्ताह में हो सकता है। फिलहाल दोनों ही दलों में जिताऊ उम्मीदवारों का चयन करना मुश्किल हो रहा है।

By: kamlesh

Published: 21 Jan 2021, 01:53 PM IST

जयपुर। राज्य की चार विधानसभा सीटों पर उप चुनाव की भाजपा-कांग्रेस ने तैयारी तेज कर दी है। चुनावों का ऐलान फरवरी के अंतिम या मार्च के पहले सप्ताह में हो सकता है। फिलहाल दोनों ही दलों में जिताऊ उम्मीदवारों का चयन करना मुश्किल हो रहा है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस जहां इन सीटों को जीतकर संदेश देना चाहती है कि सरकार के काम को जनता पसंद कर रही है। वहीं भाजपा चारों सीटें जीतकर अपनी संख्या बढ़ाएगी, जिससे कांग्रेस सरकार पर दबाव बढ़ाया जा सके। लेकिन दोनों ही दलों की तमाम तैयारियों के बीच अभी सभी की नजरें इन उप चुनाव वाली विधानसभा सीटों में आने वाली निकायों की जीत पर है। जो दल यहां जीतेगा, उसका विधानसभा उप चुनाव में इसका लाभ मिलेगा।

कांग्रेस: प्रशासनिक अधिकारियों से भी ले रही फीडबैक
राज्य के 90 निकायों में हो रहे चुनाव के साथ ही प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव को लेकर भी नजरें गढ़ा रखी हैं। चारों सीटों पर उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन चल रहा है। सूत्रों की मानें तो सहाड़ा व सुजानगढ़ सीट पर कांग्रेस दिवंगत विधायकों के परिवार में से ही किसी को चुनाव में उतारेगी। वहीं भाजपा के कब्जे वाली सीट राजसमंद पर मजबूत उम्मीदवार की तलाश चल रही है। कांग्रेस यहां उम्मीदवारों की तलाश को लेकर स्थानीय नेताओं के साथ क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारियों से भी जानकारी ले रही है। ऐसे में जनाधार वाले कई नेताओं के नाम आ चुके हैं, जिन पर मंथन चल रहा है। अब कांग्रेस वल्लभनगर सीट पर भी उम्मीदवार को लेकर मंथन शुरू करेगी।

हाल ही प्रदेश के दौरे पर आए प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने भी प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ चर्चा भी की थी। बड़ी बात यह है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होना है, वहां कांग्रेस निकाय चुनाव जीतकर अपनी पकड़ और मजबूत करने की मशक्त में लगी है। निकायों पर जो पार्टी जीत दर्ज करेगी, उसका माहौल निश्चित रूप से विधानसभा उप चुनाव में अच्छा बनेगा।

भाजपा: दो सीटों पर जिताऊ की तलाश, एक पर लंबी सूची
उप चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने कब्जे वाली राजसमंद सीट सहित कांग्रेस के कब्जे वाली सहाड़ा व सुजानगढ़ पर पूरा जोर लगा रखा है। कांग्रेस के एक और विधायक के निधन से वल्लभनगर सीट खाली होने से यहां भी मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही भाजपा के प्रमुख नेताओं को दिल्ली बुलाकर यही संदेश दिया गया है कि उप चुनाव में सभी सीटें हर हाल में जीतनी हैं। भाजपा ने गत विधानसभा चुनाव में सहाड़ा सीट पर रूपलाल जाट को टिकट दिया था, लेकिन वे 7 हजार से ज्यादा वोटों से हार गए। इस बार जाट के साथ अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

भाजपा वल्लभनगर सीट पर तीसरे नंबर पर रही थी। यहां भाजपा का साथ छोड़ चुके पूर्व विधायक रणधीर सिंह भिंडर दूसरे नंबर पर थे। राजसमंद में पार्टी के पास उमीदवारों की लंबी सूची है। बड़ी दावेदारी किरण माहेश्वरी की पुत्री की मानी जा रही है। इसके अलावा यहां पूर्व सांसद हरिओम सिंह राठौड़ के पुत्र ने भी दावा कर रखा है। सुजानगढ़ विधानसभा सीट पर दावेदारों में सबसे ऊपर संतोष मेघवाल का नाम है। वे निर्दलीय के रूप में 38 हजार से ज्यादा वोट ले चुकी हैं।

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