CM गहलोत ने की PM मोदी के सहयोगी नितीश की बिहार सरकार की तारीफ

CM गहलोत ने की PM मोदी के सहयोगी नितीश की बिहार सरकार की तारीफ

Nakul Devarshi | Publish: Jun, 13 2019 02:05:38 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot ने की Prime Minister Narendra Modi के सहयोगी Chief Minister Nitish Kumar की Bihar Government की तारीफ

जयपुर।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिहार सरकार के वृद्ध माता-पिता सेवा सम्बन्धी कड़े कानूनी प्रावधान लाये का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि संतानों द्वारा वृद्ध माता-पिता की सेवा न करने संबंधी मामलों पर बिहार सरकार का कदम स्वागत योग्य है। गौरतलब है कि बिहार में नितीश कुमार की सरकार है जो जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वहीं मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार में जेडीयू घटक दल की भूमिका में है। ऐसे में सीएम गहलोत का नितीश सरकार के कदम का स्वागत करना चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

ट्वीट कर नितीश सरकार का किया स्वागत
सीएम गहलोत ने गुरुवार को तीन ट्वीट किये। इन ट्वीट्स में उन्होंने बिहार की नितीश कुमार सरकार की सराहना करने के साथ ही प्रदेश सरकार की भी पीठ थपथपाई। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि बिहार सरकार जैसा कदम राजस्थान में पहले ही लिया जा चुका है।

 

अपने पहले ट्वीट में गहलोत ने लिखा, '' संतानों द्वारा वृद्ध माता-पिता की सेवा न करने संबंधी मामलों पर बिहार सरकार का कदम स्वागत योग्य है। माता-पिता के सम्मान को बनाए रखने के लिए और संतान का उनके प्रति दायित्व सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम उठाए जाने अतिआवश्यक हैं।''

वही दूसरे ट्वीट में लिखा, ''राजस्थान में तो वर्ष 2010 में ही हमारी सरकार ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण नियम के तहत माता-पिता की अनदेखी करने वालों या उन्हें अपनाने से इनकार करने वाली संतानों के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान कर दिया था।''

 

तीसरे ट्वीट में लिखा, ''बुजुर्गों का सम्मान बनाए रखने और उनके भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों में ऐसे प्रावधान होने चाहिए।''

 

बिहार में माता-पिता की सेवा नहीं की, तो संतानें जाएंगी जेल
बिहार सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है जिसमें माता-पिता की सेवा नहीं करने वाली संतानों को अब जेल की सजा भी हो सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की हुई बैठक में समाज कल्याण विभाग के इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। बिहार में रहने वाली संतान यदि माता-पिता की सेवा नहीं करती है तो उनको जेल की सजा हो सकती है। माता-पिता की शिकायत मिलते ही ऐसी संतानों पर कार्रवाई होगी।

 

ये हुआ है संशोधन
मंत्रिमंडल विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 2007 में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम में संशोधन किया है। पूर्व में बच्चों द्वारा प्रताडि़त किए जाने वाले माता-पिता को न्याय के लिए जिलों के परिवार न्यायालय में अपील करनी होती थी। जहां सुनवाई प्रधान न्यायाधीश के स्तर पर होती थी। अब माता-पिता जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित अपील अधिकरण में अपील करेंगे। जिलाधिकारी ही मामले की सुनवाई करेंगे।

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