शहनाई बजेगी पर सड़कों पर नहीं दिखेगी बारात, जानिये कई सवालों के जवाब

प्रदेश में कोविड-19 मरीजों की संख्या तेजी से बढऩे के बाद कई प्रमुख शहरों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लग चुका है। शहर में अगले कुछ दिन में हजारों शादियां होगी।

By: kamlesh

Published: 23 Nov 2020, 03:30 PM IST

जयपुर। प्रदेश में कोविड-19 मरीजों की संख्या तेजी से बढऩे के बाद कई प्रमुख शहरों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लग चुका है। शहर में अगले कुछ दिन में हजारों शादियां होगी। ऐसे में लोगों में असमंजस बना हुआ है कि अब विवाह समारोह कैसे होंगे? जो तैयारियां हुई हैं, उनका क्या होगा? राजस्थान पत्रिका पाठकों के लिए ऐसे कई सवाल-जवाब लाया है, जिनको हर व्यक्ति जानना चाहता है। नई गाइडलाइन के मुताबिक शादी विवाह समारोह में किसी तरह का खलल नहीं होगा। आवाजाही व समारोह की अनुमति पहले की तरह ही होगी, लेकिन सड़क पर बारात निकालने की अनुमति नहीं होगी। जानिये कई सवालों के जवाब।

सवाल : रात के समय मैरिज गार्डन की बुकिंग पर क्या असर रहेगा?

जवाब : मैरिज गार्डन में शादियों पर कफ्र्यू का कोई असर नहीं होगा।

सवाल : शादी के अलावा महिला संगीत व अन्य कई तरह के कार्यक्रम होते हैं, क्या उनपर किसी तरह की पाबंदी रहेगी ?

जबाव : विवाह समारोह से संबंधित किसी भी कार्यक्रम पर पाबंदी नहीं रहेगी, लेकिन उनमें 100 से अधिक लोगों के आने पर पाबंदी है।


सवाल : रात के कफ्र्यू में पास की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में छूट में शामिल लोगों के लिए क्या व्यवस्था रहेगी?

जबाव - ऐसे लोग अपने कार्यालय या फिर कंपनी का परिचय पत्र दिखाकर आ जा सकेंगे।


सवाल : क्या बंद कार में भी जरूरी है मास्क लगाना ?

जवाब : कार में भी मास्क लगाना जरूरी है।

सवाल : कफ्र्यू के पास कहां बनेंगे ?

जबाव : जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग में।

सवाल : क्या हॉल में 5 या ज्यादा लोग कोई सभा-बैठक कर सकते हैं ?

जबाव : जनसभा और सार्वजनिक और सामाजिक समारोह पर रोक है।

सवाल: किस काम के लिए बन सकते हैं कफ्र्यू पास?

जबाव - मेडिकल, शादी, बस-ट्रेन और हवाईजहाज यात्रा के लिए। इसके अलावा राजकीय कार्य से संबंधितों को भी छूट रहेगी।

सवाल - राजस्थान की सीमा से लगते किस प्रदेश में आया जाया जा सकता है?

जबाव : सभी प्रदेश, जो राजस्थान की सीमा से लगते हुए हैं


कोरोना से जुड़े इन सवालों को भी जानिए जवाब

सवाल : प्लाज्मा थैरेपी क्या है ?

जवाब : कोविड के मरीजों की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोरोना से रिकवर और एंटी बॉडी विकसित हो चुके लोगों का प्लाज्मा लिया जाता है। ये महत्वपूर्ण है कि इसकी निर्धारित प्रक्रिया है और चिकित्सक की सलाह पर ही एंटी बॉडी विकसित होने पर रिकवर व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता है। इस प्लाज्मा को संबंधित समूह के जरूरतमंद मरीज को दिया जाता है।

सवाल - मास्क की उपयोगिता क्या है?

जवाब : हो सकता है कि जो लोग स्वस्थ लग रहे हों, उनमें भी वायरस हो। ऐसे में घर से बाहर निकलने, सार्वजनिक स्थान पर जाने, दुकान या दफ्तर में काम करते समय मास्क उपयोगी है। इससे वायरस का प्रसार दूसरों में जाने से तो रुकेगा, साथ ही मास्क लगाने वाला भी सुरक्षित रह सकता है।

सवाल : कोरोना टेस्ट कैसे होता है ?

जवाब : कोरोना आरटीपीसीआर जांच में नाक, गले और मुंह से स्वाब लिए जाते हैं।

सवाल : कोरोना टेस्ट के क्या-क्या मैथड्स हैं?

जवाब :कोरोना का इस समय सबसे प्रमुख आरटीपीसीआर टेस्ट किया जा रहा है, जो प्रदेश की सरकारी व कई निजी जांच प्रयोगशालाओं में किया जा रहा है।

सवाल : क्या परिणाम कोरोना पॉजिटिव को इंगित करते हैं ?

जवाब : आरटीपीसीआर जांच इस समय विश्व में कोविड जांच के लिए सबसे बेहतर विकल्प मानी जा रही है। इसके परिणामों की शुद्धता भी शत प्रतिशत सही नहीं मानी जा रही है। यही कारण बन रहा है कि अलग-अलग लैबों में अलग-अलग रिपोर्ट मरीजों को प्राप्त हो रही है। ऐसे में सीटी स्कैन जांच व लक्षणों के आधार पर भी उपचार किया जाता है।

सवाल : कोरोना एसिम्टोमैटिक क्या होता है ?

जवाब : अगर कोई व्यक्ति कोविड-19 जांच में संक्रमित पाया गया है, लेकिन उसमें लक्षण न दिखें, तो उसे एसिम्टोमैटिक या बिना लक्षण वाले केस कहते हैं। ऐसे मरीजों को होम आइसोलेशन में रहकर उपचार की सलाह दी जाती है।

सवाल : क्या दुबारा हो सकता है कोरोना ?

जवाब : कुछ महीनों से ऐसे कई मामले देखे गए हैं, जिनमें रिकवर होने के बाद पुन: कोरोना हो रहा है

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