
Rajasthan Assembly Election 2023 : भाजपा प्रत्याशी दिया कुमारी की मौजूदगी में बलात्कार पीडि़ता की पहचान उजागर होने का मामला गरमा गया है। बलात्कार पीड़िता के पति को माइक थमाकर चुनावी फायदा लेने का प्रयास करने के मामले में गुरुवार को राज्य महिला आयोग ने प्रसंज्ञान लिया। आयोग ने नोटिस जारी कर इस मामले के साथ ही पीड़िता को तलाशने में पुलिसकर्मियों की ढिलाई को लेकर पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) से 10 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
महिला के गायब होने का यह मामला चार-पांच दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस प्रकरण को लेकर आरोप लग रहा था कि दिया कुमारी ने पुलिस पर निशाना साधने के बहाने चुनावी फायदा लेने का प्रयास किया और सभा में पीड़िता के पति काे माइक थमाकर घटना को सार्वजनिक कराया। पीड़िता की सास से भी माइक पर सवाल पूछे गए। विद्याधर नगर से भाजपा प्रत्याशी दिया कुमारी की मौजूदगी में पीड़िता के परिजन को माइक थमाकर घटना का बखान कराने का वीडियो बुधवार को राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती के पास पहुंचा, जिस पर उन्होंने पहले घटना को लेकर पुलिस पर लग रहे आरोपों पर कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद वीडियो के कंटेंट का विधिक परीक्षण कराया और सांसद दिया कुमारी की मौजूदगी में बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर होने के मामले में भी प्रसंज्ञान लिया। आयोग की ओर से दोनों ही मामलों में पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) से कार्रवाई करने और स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
आयोग ने दिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
आयोग ने महिला की पहचान उजागर होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा है कि बलात्कार के आरोपों से संबंधित मामले में महिला की पहचान उजागर होना गंभीर है। ऐसे मामलों में पीडि़ता की पहचान उजागर होना भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों का भी उल्लंघन है।
Published on:
24 Nov 2023 08:23 am
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