Rajasthan Governor late Kalyan Singh Birth Anniversary : पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह की पहली जयंती आज, 'स्मृति दिवस' के रूप में मनाई जा रही जयंती, वसुंधरा-पूनिया सहित भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजली, राजस्थान के राज्यपाल रहे सिंह- किए थे कई बदलाव, वीवीआईपी कल्चर के रहे खिलाफ, 'महामहिम' हटवा करवाया 'माननीय', गार्ड ऑफ़ ऑनर के प्रोटोकॉल को भी करवाया था बंद
जयपुर।
राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे दिवंगत कल्याण सिंह की पहली जयंती ( Kalyan Singh Birth Anniversary ) आज 'स्मृति दिवस' के रूप में मनाई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित प्रदेश से जुड़े तीनों केंद्रीय मंत्रियों गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और कैलाश चौधरी सहित भाजपा के सभी सांसदों-विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
गौरतलब है कि कल्याण सिंह का जन्म आज ही के दिन वर्ष 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। वे 4 सितंबर 2014 से 8 सितंबर 2019 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे। 89 वर्ष की आयु में उनका निधन 21 अगस्त 2021 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में हुआ था। वे सेप्सिस और मल्टी ऑर्गन फेल्योर से ग्रसित थे।
वीआईपी कल्चर के खिलाफ थे सिंह
दिवंगत नेता कल्याण सिंह बतौर राजस्थान राज्यपाल वीआईपी कल्चर के खिलाफ रहे थे। उन्होंने राज्यपाल के आगे लगने वाला 'महामहिम' शब्द हटवा दिया था और इसकी जगह 'माननीय' शब्द करवा दिया था। साथ ही राज्यपाल को दिया जाने वाला गार्ड ऑफ ऑनर भी बंद करवा दिया। इसी तरह से विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह हर वर्ष करवाने की शुरुआत भी उन्होंने ही की थी। परीक्षा से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के काम समयबद्ध करवाने की पहल करवाई थी।
पूरा किया था राज्यपाल कार्यकाल
कल्याण सिंह राजस्थान के उन चुनिंदा राज्यपालों में शामिल हैं, जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। राजस्थान के राज्यपाल के रूप में अपना पूरा कार्यकाल निकालने वाले कल्याण सिंह सातवें राज्यपाल रहे हैं। उनसे पहले छह ही राज्यपाल ऐसे थे, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। सिंह ने 4 सितम्बर, 2014 को राज्यपाल के पद की शपथ ली थी और वे 8 सितम्बर, 2019 तक राज्यपाल रहे।