राजस्थान: तो क्या 'बागी' होकर कांग्रेस में शामिल होंगे सभी BSP MLA? पढ़ें पूरी खबर

राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी ( Bahujan Samaj Party ) के सभी छह विधायकों ( BSP MLA ) के कांग्रेस ( Congress ) में शामिल होने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। वर्ष 2008 में भी कांग्रेस ने बसपा के सहयोग से प्रदेश में सरकार बनाई थी और 2009 में बसपा के सभी छह विधायकों को कांग्रेस में मिला लिया था।

By: nakul

Updated: 13 Aug 2019, 11:49 AM IST

जयपुर।

राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी ( Bahujan Samaj Party ) के सभी छह विधायकों ( BSP MLA ) के कांग्रेस ( Congress ) में शामिल होने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। वर्ष 2008 में भी कांग्रेस ने बसपा के सहयोग से प्रदेश में सरकार बनाई थी और 2009 में बसपा के सभी छह विधायकों को कांग्रेस में मिला लिया था। इस बार भी इसी इतिहास को फिर दोहराने की कवायद चल रही है।

 

मंत्री पद...बोर्ड या संसदीय सचिव
राजस्थान विधानसभा के 2008 के चुनाव में भी बसपा के छह प्रत्याशी विधायक बने थे और इस बार 2019 के विधानसभा चुनाव में भी विधानसभा में बसपा का इतना ही संख्या बल है। इस बार बसपा के टिकट पर उदयपुरवाटी से राजेंद्र सिंह गुढ़ा, नदबई से जोगिंदर सिंह अवाना, किशनगढ़बास से दीपचंद, करोली से लाखन सिंह, नगर से वाजिब अली तथा तिजारा से संदीप कुमार विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे।

 

वर्ष 2008 में कांग्रेस की सरकार बसपा के सहयोग से ही बन पाई थी, लेकिन कांग्रेस ने अपने बूते पर सरकार बना ली है। बसपा बाहर से समर्थन दे रही है, लेकिन स्थिर सरकार के लिए कुछ निर्दलीय विधायकों सहित बसपा के विधायकों के कांग्रेस में विलय की अटकलें जोर पकड़ रही है। कांग्रेस में आने की स्थिति में कुछ विधायकों को मंत्रीपद का तोहफा दिया जा सकता है तो कुछ को बोर्ड या संसदीय सचिव बनाकर संतुष्ट किया जा सकता है।

 

सीएम गहलोत की तारीफ के मायने
बसपा विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा बसपा से ही 2008 के चुनाव में विधानसभा पहुंचे थे। वे बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे और गहलोत सरकार में राज्यमंत्री रहे। अब वे फिर उसी राह पर चलते दिखलाई पड़ रहे हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की आलोचना के राजनीतिक गलियारे में निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। बसपा में भी राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने विद्रोही तेवर अपना रखे हैं।

 

फिर 'लाल बत्ती' का लालच!
राजस्थान विधानसभा के 2008 के चुनाव में बसपा से छह विधायक बने थे। नवलगढ़ से डॉ. राजकुमार शर्मा, उदयपुरवाटी से राजेंद्र सिंह गुढ़ा, गंगापुर से रामकेश, सपोटरा से रमेश मीणा, दौसा से मुरारीलाल मीणा तथा बाड़ी से गिर्राज सिंह मलिंगा बसपा के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। कांग्रेस का संख्याबल 96 पर ही अटक गया था। बसपा और गोलमादेवी के सहयोग से सरकार बनी और चली, लेकिन सभी बसपा विधायक बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए गए। अब फिर बसपा विधायकों को लालबत्ती का लालच दिखाया जाने लगा है।

 

कोर्ट में टिका नहीं मामला
पूर्व विधायक जसवंत सिंह यादव ने बसपा के कांग्रेस में विलय को लेकर तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में दल-बदल का आरोप लगाया गया था, लेकिन कोर्ट ने इस मामले को दल-बदल कानून का उल्लंघन नहीं माना।

Show More
nakul Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned